नाम का है पुस्तकालय, सियासत के लिए होता है उपयोग

विधायक निधि से हुआ था आंबेडकर पुस्तकालय का निर्माण सहरसा नगर : जिले के लोगों को राज्य सरकार के विधायक निधि से तत्कालीन मंत्री शंकर प्रसाद टेकरीवाल के द्वारा शहर के सुपर बाजार में लाखों की लागत से पुस्तकालय भवन की सौगात दी गयी थी. जो अपने निर्माण के 13 वर्ष बाद भी प्रशासनिक उदासीनता […]

विधायक निधि से हुआ था आंबेडकर पुस्तकालय का निर्माण

सहरसा नगर : जिले के लोगों को राज्य सरकार के विधायक निधि से तत्कालीन मंत्री शंकर प्रसाद टेकरीवाल के द्वारा शहर के सुपर बाजार में लाखों की लागत से पुस्तकालय भवन की सौगात दी गयी थी. जो अपने निर्माण के 13 वर्ष बाद भी प्रशासनिक उदासीनता का शिकार है.
प्रशासन द्वारा भवन निर्माण के बाद भी न तो पुस्तक व अखबार मुहैया करायी गयी और न ही पाठकों के बैठने के लिए कुर्सी ही पुस्तकालय को मिली है. शहर के छोटे-छोटे बच्चों को पुस्तकालय से जोड़ने की यह पहल वर्तमान समय में राजनीति का शिकार हो चुकी है.
अनधिकृत रूप से किया कब्जा:
आंबेडकर पुस्तकालय की भवन का कुछ सामाजिक व राजनीतिक संगठनों द्वारा अवैध रूप से उपयोग भी किया जाता है. पुस्तकालय में घोषित व अघोषित रूप से कई कार्यालय भी कागजी रूप में संचालित हो रहे हैं. जिसका बोर्ड भी कार्यालय में टंगा हुआ है.
सिर्फ राजनीति की होती है बातें :
पुस्तकालय का उपयोग सिर्फ राजनीतिक दलों द्वारा बैठक व सम्मेलन के लिए किया जाता है. जबकि भवन का उपयोग करने वाले लोग कभी भी पुस्तकालय को व्यवस्थित करने की कोशिश में नहीं दिखे हैं. स्थानीय स्तर पर पुस्तकालय भवन को किसी खास समुदाय से जुड़े रहने की बात फैला कर लोगों को द्विग्भ्रमित किया जाता रहा है.
अवैध रूप से रहते हैं लोग : पुस्तकालय के परिसर में भी लोगों ने अवैध रूप से कब्जा जमा लिया है. जिसमें मनमाने ढंग से अतिक्रमण कर परिवार के साथ बसे हुए है. खास बात यह है कि पुस्तकालय मुख्य द्वार की चाभी भी इन्हीं लोगों के पास रहती है. जिसमें इनलोगों के संबंधी भी आकर टिकते हैं.
रखरखाव के अभाव में हुआ जर्जर : पुस्तकालय भवन रख रखाव के अभाव में काफी जर्जर हो गया है. भवन की दीवार पर राजनीतिक दलों के पोस्टर चिपके हुए हैं, वहीं मुख्य द्वार जंग से बरबाद हो गयी है. पूर्व एमएलसी प्रत्याशी शैलेंद्र शेखर बताते है कि आंबेडकर पुस्तकालय जिले की धरोहर है, सभी को इसके विकास के लिए प्रयत्न करना होगा. बच्चों के उपयोग से ही पुस्तकालय का नाम सार्थक होगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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