रंगमंच के लिए समर्पित थे स्व आरटी राजन आरटी राजन स्मृति दिवस का हुआ आयोजननाट्य क्षेत्र में उनके योगदान को बताया अविस्मरणीय प्रतिनिधि, सहरसा शहर पंचकोसी सांस्कृतिक मंच के रंगकर्मियों ने नया बाजार में प्रसिद्ध नाट्य निर्देशक स्व आरटी राजन स्मृति दिवस का आयोजन किया. संस्था सचिव अभय कुमार मनोज की अध्यक्षता में आयोजित स्मृति दिवस सप्ताह के दौरान स्व राजन के चित्र पर रंगकर्मियों ने पुष्प अर्पित कर रंगमंच में उनके योगदान का स्मरण किया. संस्था सचिव ने कहा कि कोसी क्षेत्र ही नहीं वरन् राज्य स्तर पर स्व राजन रंगमंच के विकास के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले व्यक्ति के रूप में जाने जाते हैं. उन्होंने कहा कि स्व राजन ने रंगमंच को जीते हुए ही अपनी अंतिम सांस ली. सहरसा जैसे कस्बाई इलाके में रंगमंच को नयी ऊंचाई देने में उनका जो योगदान रहा वो हमेशा अविस्मरणीय रहेगा. युवा निर्देशक अमित जयजय ने कहा कि स्व राजन रंगमंच के विकास के साथ-साथ बिहार की लोक संस्कृति को जीवित रखने के लिए प्रयास करते रहे. बिहार की लोक संस्कृति को केंद्रित रखकर शमा चकेबा, जट-जटिन, डोमकछ, झिझिया, झूमर, भगैत आदि पारंपरिक लोक नाट्य को लेकर काम किया, जिसके कारण उनकी एक अलग पहचान बनी. मौके पर संस्था द्वारा बताया गया कि 27 मार्च विश्व रंगमंच दिवस व संस्था के संरक्षक रहे शिक्षाविद् व साहित्यकार स्व डॉ मनोरंजन झा के स्मृति दिवस के मौके पर तीन दिवसीय आरटी राजन नाट्योत्सव आयोजित किया जायेगा. इसमें बिहार सहित अन्य प्रदेशों के नाट्य संस्थाओं को आमंत्रित करने का निर्णय लिया गया. मौके पर सुधांशु शेखर, विकास भारती, हिमांशु कुमार सिंह, सुमित कुमार, संतोष कुमार मिश्र, स्मित कश्यप, मनोज राजा, चंदन कुमार, आनंद कुमार, खुशबू कुमारी, श्वेता कुमारी, नंदनी कुमारी, निधि कुमारी, राजनंदिनी, विपिन कुमार, मिथुन राम, उमेश राम उपस्थित थे. फोटो- राजन 9- स्मृति दिवस पर मौजूद रंगकर्मी
रंगमंच के लिए समर्पित थे स्व आरटी राजन
रंगमंच के लिए समर्पित थे स्व आरटी राजन आरटी राजन स्मृति दिवस का हुआ आयोजननाट्य क्षेत्र में उनके योगदान को बताया अविस्मरणीय प्रतिनिधि, सहरसा शहर पंचकोसी सांस्कृतिक मंच के रंगकर्मियों ने नया बाजार में प्रसिद्ध नाट्य निर्देशक स्व आरटी राजन स्मृति दिवस का आयोजन किया. संस्था सचिव अभय कुमार मनोज की अध्यक्षता में आयोजित स्मृति […]
