कीटों से बचाव करेगा सबौर ट्रैप

कीटों से बचाव करेगा सबौर ट्रैपविकास सिन्हा, भागलपुरबिहार में अमरूद का उत्पादन काफी मात्रा में होता है. अमरूद हमारे राज्य का प्रमुख फल भी माना जाता है. राज्य के कई किसान अमरूद के बागीचे भी कर रखे हैं. और घरों में भी अमरूद के पौधे लगाये जाते हैं. अमरूद के पौधों में कीट व मक्खी […]

कीटों से बचाव करेगा सबौर ट्रैपविकास सिन्हा, भागलपुरबिहार में अमरूद का उत्पादन काफी मात्रा में होता है. अमरूद हमारे राज्य का प्रमुख फल भी माना जाता है. राज्य के कई किसान अमरूद के बागीचे भी कर रखे हैं. और घरों में भी अमरूद के पौधे लगाये जाते हैं. अमरूद के पौधों में कीट व मक्खी के प्रकोप के कारण फल खराब हो जाता है. अमरूद के पौधों को कीट व मक्खी से बचाने के लिए बिहार कृशि विश्वविद्यालय ने सबौर ट्रैप विकसित किया है. क्या है सबौर ट्रैपबिहार कृशि विश्वविद्यालय के कीट विभाग द्वारा सबौर ट्रैप काे विकसित किया गया है. यह आम व अमरूद के फलों में कीट से हो रहे बर्बादी को रोकता है. इसका न तो फल पर बुरा प्रभाव पड़ता है और न ही वातावरण पर. अन्य ट्रैपों की अपेक्षा यह ट्रैप ज्यादा सुरक्षित पाया गया है. क्योंकि इसमें प्लास्टिक बोतलों का प्रयोग किया जाता है. इसका तकनीकी लागत कम व आसानी से बनाया जाता है.विश्वविद्यालय प्रबंधन से संपर्क कर सकते हैं किसान जिन किसानों को सबौर ट्रैप की जानकारी चाहिए, वह विश्वविद्यालय प्रबंधन से संपर्क कर सकते हैं. अक्सर किसान प्रदर्शनी में भी सबौर ट्रैप जैसे यंत्रों का प्रदर्शन किया जाता है. किसान ऐसे प्रदर्शनी का भी लाभ उठा सकते हैं. क्या है लाभयह तकनीक कम लागत व आसानी से बनाया जाता है. इसका न फल पर बुरा असर पड़ता है और न ही वातावरण पर. यह तकनीक कम लागत व आसानी से बनाया जाता है. किसान जानकारी हासिल करने के बाद खुद भी बना सकते हैं.

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