दर्द देकर दवा देने की बात करते हो: लवली

दर्द देकर दवा देने की बात करते हो: लवली शराब बंदी की घोषणा पर पूर्व सांसद लवली आनंद ने जतायी प्रतिक्रियाप्रतिनिधि, सहरसा नगरपहले शराब पिला कर बरबाद करके व बाद में शराब बंदी के नाम पर वाहवाही बटोरने की आदत मुख्यमंत्री को भाने लगी है. लाखों घरों को जहरीली शराब से तबाह करने के बाद […]

दर्द देकर दवा देने की बात करते हो: लवली शराब बंदी की घोषणा पर पूर्व सांसद लवली आनंद ने जतायी प्रतिक्रियाप्रतिनिधि, सहरसा नगरपहले शराब पिला कर बरबाद करके व बाद में शराब बंदी के नाम पर वाहवाही बटोरने की आदत मुख्यमंत्री को भाने लगी है. लाखों घरों को जहरीली शराब से तबाह करने के बाद सीएम दर्द की जगह अब दवा बांटने का ढोंग रच रहे हैं. उक्त बाते मुख्यमंत्री के शराबबंदी की घोषणा होने के बाद प्रतिक्रिया जताते पूर्व सांसद लवली आनंद ने कही. पूर्व सांसद ने कहा कि पहले शराब बेचकर राजस्व लूटा गया, अब बंदी की घोषणा कर यश लूटने की होड़ मची हुई है. मुख्यमंत्री को पहले लाखों घरों की बरबादी और जहरीली शराब से हुई हजारों की मौत के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए. साथ ही यह भी बताना चाहिए कि एक वर्ष पूर्व गुटखा पर पाबंदी का क्या हश्र हुआ. उन्होंने कहा कि गांधी, लोहिया, जयप्रकाश की दुहाई देने वाली कांग्रेस-राजद व जदयू की साझा सरकार के रहनुमाओं को गंभीरता से यह समझना होगा. शराब बंदी के बाद कहीं ऐसा न हो कि देशी व ताड़ी जैसे नशाओं को प्रोत्साहन मिलने लगे. पूर्व में बिहार सहित हरियाणा, आंध्रप्रदेश जैसे कई प्रदेशों में हुई शराब बंदी इसके उदाहरण हैं कि इससे समाज तो नशामुक्त नहीं हुआ, लेकिन तस्करी और अपराध के साथ-साथ शराब की कीमतों में कई गुणा इजाफा हुआ है. सरकार नशा के सभी सामानों पर प्रतिबंध लगाये. उन्होंने कहा कि राज्य के सभी सीमाओं को सील कर ही राज्य में शराब बंदी को लागू किया जा सकता है. फोटो- लवली 11

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