पार्किंग नहीं होने से गहराता जा रहा है संकट प्रभात खाससरकारी व निजी दोनों महकमे हैं जिम्मेवारप्रतिनिधि, सहरसा नगर शहर में जाम की समस्या गहराती जा रही है. पैदल राहगीर, साइकिल व बाइक चालक सहित बड़े वाहनों के ड्राइवरों को शहर के किसी भी मार्ग में पार्किंग की व्यवस्था का नहीं होना परेशान कर रहा है. बाजार में रोज दुकानें बन रही है. मार्केट कॉम्प्लेक्स चालू हो रहे हैं. लेकिन कहीं भी पार्किंग की व्यवस्था नहीं की जा रही है. जिससे खरीदारी के लिए बाजार आने वाले लोगों को पगडंडी सहित सड़कों पर ही अपने वाहन को खड़ा करने की मजबूरी होती है. जमीन मालिक सिर्फ दुकानों की संख्या बढ़ाने के फेर में लगे होते हैं. कोई इन दुकानों के ग्राहक के वाहनों की फिक्र नहीं करता. शहर में इस परिस्थिति को पैदा करने में जितना निजी लोग जिम्मेवार हैं. उससे कहीं अधिक सरकारी अमला दोषी है. दुकान का किराया लेती जिपमुख्य व्यवसायिक बाजार डीबी रोड में थाना गेट से चौक होते हुए जिला परिषद के पुराने प्रेस तक दुकानें बना आवंटित की गयी है. वहीं पूरब दिशा में थाना चौक से आलोक पनीर कॉर्नर के बगल तक जिला परिषद की दुकानें हैं. दोनों तरफ सिर्फ कार्यालय अथवा कॉलोनियों में प्रवेश का रास्ता छोड़ कहीं भी जगह नहीं छोड़ा गया है, जहां बाजार के उपभोक्ता अपनी गाड़ी पार्क कर सकें. जिला परिषद की दुकानें थाना चौक से उत्तर सड़क के दोनों तरफ भी बने हैं. इधर भी पार्किंग की वही समस्या है. चूंकि दुकानदारों ने फुटपाथ के हिस्से पर अपने दुकानों की प्रदर्शनी लगा रखी है या सड़क से सटा प्लेटफॉर्म बना लिया है. लिहाजा खरीदारी करने आये लोगों को अपना वाहन सड़क पर ही खड़ा करना होता है. निजी दुकानदारों ने भी नहीं किया उपायआलोक पनीर कॉर्नर से आगे शंकर चौक, दहलान रोड, धर्मशाला रोड, महावीर चौक, बनगांव रोड, गांधी पथ, स्टेशन रोड, गंगजला रोड, नगर परिषद रोड, भीआईपी रोड, पूरब बाजार सहित अन्य व्यवसायिक बाजारों में निजी दुकानें हैं. व्यवसायियों ने बड़े-बड़े मॉल, मार्केट कॉम्प्लेक्स व दुकान तो खड़े कर दिये हैं. लेकिन किसी ने भी पार्किंग की व्यवस्था नहीं की है. पिक टाईम में रोज जाम की स्थिति बनती है. सड़क पर खड़ी वाहनों के कारण नोंक -झोंक, तू तू-मैं मैं और कभी-कभी मारपीट तक की नौबत आ जाती है. प्रशासन भी है बराबर का दोषी बाजार के वर्तमान स्वरूप से भविष्य में संकट और भी गहराने के आसार बन गए है. शहर को विकृत स्थिति तक पहुंचाने के लिए जितना जिम्मेवार यहां बनी दुकानों के मालिक हैं. उससे कम उत्तरदायी यहां के अधिकारी नहीं हैं. निर्माण होने वाले किसी भी भवन का नक्शा नगर परिषद के माध्यम से ही पास होता है. पार्किंग के बिना शहर में बेरोकटोक निर्माण कार्य जारी है और भविष्य में संकट गहराता दिख रहा है. फोटो- पार्किंग 2 – शंकर चौक फोटो- पार्किंग 3 – डीबी रोड
पार्किंग नहीं होने से गहराता जा रहा है संकट
पार्किंग नहीं होने से गहराता जा रहा है संकट प्रभात खाससरकारी व निजी दोनों महकमे हैं जिम्मेवारप्रतिनिधि, सहरसा नगर शहर में जाम की समस्या गहराती जा रही है. पैदल राहगीर, साइकिल व बाइक चालक सहित बड़े वाहनों के ड्राइवरों को शहर के किसी भी मार्ग में पार्किंग की व्यवस्था का नहीं होना परेशान कर रहा […]
