एक्जिट पोल-एक्जिट पोल के खेल में उलझे रहे लोग एक चौैक के बाद दूसरे चौराहे पर बदलता रहा समीकरणचाणक्या के बाद एक्सिस माय इंडिया ने उड़ाये होशसब यही कह रहे, चौंकाने वाले आयेंगे परिणामप्रतिनिधि, सहरसा नगरमतदान के बाद गुरुवार की शाम से ही पूरा विधानसभा क्षेत्र एक्जिट पोल-एक्जिट पोल के खेल में उलझा हुआ है. विभिन्न टेलीविजन चैनल व सर्वे एजेंसियों द्वारा जारी किये गये एक्जिट पोल की समीक्षा हो रही है. कोई उसे खुद के पसंदीदा पार्टी के पक्ष में बता रहा है तो कोई उस सर्वे पर अंगुली उठा रहा है. मतदान संपन्न होने के तुरंत बाद एनडीए को 155 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बताने वाला चाणक्या सुर्खियों में था ही कि शुक्रवार की शाम एक्सिस माय इंडिया ने महागंठबंधन को 176 सीटें दिला राजनीतिक विश्लेषकों की बेचैनी बढ़ा दी है. हालांकि गुरुवार की शाम इंडिया टूडे- सिसरो, एबीपी-नीलसन, इंडिया टीवी-सीवोटर, न्यूज एक्स, न्यूज नेशन ने महागंठबंधन व एनडीए के बीच टक्कर बतायी थी, जबकि न्यूज 24-चाणक्या ने एनडीए के पक्ष में एकतरफा चुनाव बता सबके होश उड़ा दिये थे. इधर, शुक्रवार की शाम एनडीटीवी-हंसा ने भी अपने सर्वे में दोनों पार्टियों के बीच कड़ा मुकाबला बताया, लेकिन थोड़ी ही देर बाद एक्सिस माय इंडिया ने महागंठबंधन के पक्ष में एकतरफा रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी. सभी प्रत्याशी अपने पक्ष के सर्वे को सही बताने में जुटे हैं व उसी में अपनी जगह तलाश रहे हैं. –हर चौराहे पर बदल रही है तसवीरइन कंपनियों के अलावा आम व खास सभी लोग अपने स्तर से भी टेबुल सर्वे करने में लगे हैं. चाय-पान की दुकान हो या कपड़े-दवा का काउंटर सब जगह परिणामों की ही चर्चा हो रही है. अपने-अपने तर्क से सभी अपने प्रत्याशी को जीता रहे हैं. अपनी पसंद के प्रत्याशी की खासियत व सामने वाले का फॉल्ट बता रहे हैं, लेकिन अगले चौराहे पर जाने के बाद दूसरा समूह परिणाम को उलट दे रहा है. वह अपने तरीके से तर्क दे यह बता रहा है कि फलाने का वोटर घर से निकला ही नहीं. जबकि दूसरे प्रत्याशी के पक्ष में अंतिम समय तक बूथों पर कतार बनी रही. कोई प्रत्याशियों द्वारा जायज-नाजायज तरीके से खर्च किये गये करोड़ों की राशि का हवाला दे रहा है तो कोई प्रत्याशी के मतदाता तक भी नहीं पहुंचने की बात बताता है. कोई उम्मरदवार के खराब मैनेजमेंट को दोषी बताता है तो कोई वोटरों से बेहतर संबंध नहीं रखने की चर्चा करता है. चर्चाओं के क्रम में राज्य में अगली सरकार तक बनायी जा रही है. उनके पास अपनी पसंद के प्रत्याशी के पक्ष में एक से बढ़ कर एक दलील है. वे सामाजिक व राजनीतिक परिस्थितियों को भी अपने पक्ष में जोड़ कर बता रहे हैं.–नीतीश का काम व मोदी का चेहराजिले के चारों विधान सभा क्षेत्र (सहरसा, सोनवर्षा, महिषी व सिमरी बख्तियारपुर) में एनडीए व महागंठबंधन के बीच टक्कर है. अभी सोनवर्षा, सिमरी व महिषी महागंठबंधन व सहरसा भाजपा के कब्जे में है. चौक-चौराहों के कुछ राजनीतिक विश्लेषक इस बार चारों सीटों पर एनडीए का पताका लहरा रहे हैं. वहीं कुछ एनडीए के सफाये की बात भी कह रहे हैं. दोनों पक्ष यह भी बताता है कि इस बार परिणाम चौंकाने वाले आयेंगे. महागंठबंधन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा किये गये विकास कार्यों सहित चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं द्वारा चलाये गये शब्द वाणों को अपना फायदा बताता है. वहीं एनडीए पीएम नरेंद्र मोदी का चेहरा व लालू प्रसाद के पुराने दिन को अपनी उपलब्धि मान रहा है.
एक्जिट पोल-एक्जिट पोल के खेल में उलझे रहे लोग
एक्जिट पोल-एक्जिट पोल के खेल में उलझे रहे लोग एक चौैक के बाद दूसरे चौराहे पर बदलता रहा समीकरणचाणक्या के बाद एक्सिस माय इंडिया ने उड़ाये होशसब यही कह रहे, चौंकाने वाले आयेंगे परिणामप्रतिनिधि, सहरसा नगरमतदान के बाद गुरुवार की शाम से ही पूरा विधानसभा क्षेत्र एक्जिट पोल-एक्जिट पोल के खेल में उलझा हुआ है. […]
