सत्तरकटैया : पूर्व प्रमुख सह जदयू नेता विनोद कुमार चौरसिया की हत्या बीते मंगलवार की शाम अपराधियों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर कर दी थी. इस घटना में मृतक के पिता लक्ष्मी भगत के आवेदन पर आठ नामजद पर प्राथमिकी दर्ज की गई है.
जिसमें एक नामजद ज्योतिष शर्मा की गिरफ्तारी हुई है. जबकि शेष सभी सात नामजद व अज्ञात अपराधियों की गिरफ्तारी करने में बिहरा पुलिस विफल हो रही है. पुलिस द्वारा घटना के बाद से ही अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए सघन छापेमारी करने की बात कही जा रही है.
लेकिन अपराधियों को नहीं पकड़ पायी है. सभी के जेहन में एक ही सवाल उठ रहा है कि आखिर पूर्व प्रमुख की हत्या किसने और क्यों कर दी. प्रमुख का किसी से कोई दुश्मनी भी नहीं था. मालूम हो कि ताबड़तोड़ गोलियों के चलने से पूरा बिहरा बाजार थर्रा उठा था. लोगों में अब तक दहशत बना हुआ है.
ग्रामीण एक ही बात कहते कि आखिर सरकार की पुलिस पर और पुलिस की अपराधियों पर पकड़ इतनी ढ़ीली क्यों हो गई है. आखिर क्यों अपराधियों का हौसला बुलंद होता जा रहा है. सरकार व प्रशासन को लोगों को विश्वास में लेना है तो अपराधियों में वर्दी का खौफ पैदा करना होगा. जिले को अवैध हथियार से मुक्त करना होगा. सुपारी किलरों की पहचान कर उसे सख्त सजा दिलानी होगी.
