सहरसा : गढ़बरूआरी से सुपौल तक के बीच आमान परिवर्तन कार्य लगभग पूरे होने पर आगामी 25 या 26 अक्तूबर को सीआरएस निरीक्षण को हाजीपुर और समस्तीपुर डिवीजन के अधिकारियों का दौरा शुरू है. दो दिन पहले ही पूर्व मध्य रेलवे के प्रमुख मुख्य इंजीनियर और समस्तीपुर डिवीजन के डीआरएम सहरसा जंक्शन पहुंचे थे.
अगले माह से दौड़ सकती है सहरसा से सुपौल तक ट्रेन
सहरसा : गढ़बरूआरी से सुपौल तक के बीच आमान परिवर्तन कार्य लगभग पूरे होने पर आगामी 25 या 26 अक्तूबर को सीआरएस निरीक्षण को हाजीपुर और समस्तीपुर डिवीजन के अधिकारियों का दौरा शुरू है. दो दिन पहले ही पूर्व मध्य रेलवे के प्रमुख मुख्य इंजीनियर और समस्तीपुर डिवीजन के डीआरएम सहरसा जंक्शन पहुंचे थे. वहीं […]

वहीं गुरुवार को हाजीपुर जोन के चीफ इंजीनियर एनके झा, चीफ इंजीनियर निर्माण बीके शर्मा, डिप्टी चीफ इंजीनियर डीके श्रीवास्तव सहित कई वरीय अधिकारी गरुड़ स्पेशल से सहरसा जंक्शन पहुंचे. दो मिनट रुकने के बाद गरुड़ स्पेशल से सहरसा गढ़ बरुआरी होकर सुपौल रेलखंड के बीच अमान परिवर्तन कार्यों की जांच की और रेलवे ट्रैक का फाइनल ट्रायल किया.
सहरसा जंक्शन रुकने पर चीफ इंजीनियर ने प्रभात खबर को बताया कि बरुआरी स्टेशन से सुपौल तक के बीच आमान परिवर्तन कार्यों के सत्यता की जांच होगी. रेलवे ट्रैक का भी फाइनल ट्रायल किया जा रहा है. जिसकी रिपोर्ट अविलंब सीआरएस को भेजी जायेगी.
जिसके बाद सीआरएस की अनुमति मिलेगी. सीआरएस निरीक्षण होने के बाद सहरसा से सुपौल तक के बीच ट्रेन दौड़ेगी. चीफ इंजीनियर ने बताया कि गढ़बरूआरी स्टेशन से सुपौल तक के बीच करीब 99 प्रतिशत आमान परिवर्तन कार्य पूरे कर लिए गये हैं.
अगर सब कुछ ठीक रहा तो अगले माह से सहरसा-सुपौल के बीच ट्रेन का परिचालन शुरू हो सकेगा. फिलहाल ट्रायल की जांच रिपोर्ट बुकलेट तैयार कर सीआरएस को भेज दी जायेगी. हालांकि 25 या 26 अक्तूबर को सीआरएस निरीक्षण के सवाल पूछने पर चीफ इंजीनियर ने बताया कि फाइनल रिपोर्ट भेजने के बाद ही सीआरएस की अनुमति मिल सकेगी. बता दें कि सहरसा से गढ़बरूआरी स्टेशन तक ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है.