गर्भवती व धात्री माताओं को आयरन व फोलिक एसिड गोली खाने को करें प्रेरित

सहरसा : जिलाधिकारी डॉ शैलजा शर्मा ने समाहरणालय सभा कक्ष में बुधवार को आईसीडीएस से संबंधित बैठक हुई. जिसमें उन्होंने कहा कि सभी सेविका एवं सहायिका घर-घर जाकर गर्भवती माताओं एवं धात्री माताओं को आइरन फोलिक एसिड गोली खाने के लिए प्रेरित करें. जिससे मां और बच्चे स्वस्थ रहें. उन्होंने कहा कि अपने पोषक क्षेत्र […]

सहरसा : जिलाधिकारी डॉ शैलजा शर्मा ने समाहरणालय सभा कक्ष में बुधवार को आईसीडीएस से संबंधित बैठक हुई. जिसमें उन्होंने कहा कि सभी सेविका एवं सहायिका घर-घर जाकर गर्भवती माताओं एवं धात्री माताओं को आइरन फोलिक एसिड गोली खाने के लिए प्रेरित करें. जिससे मां और बच्चे स्वस्थ रहें.
उन्होंने कहा कि अपने पोषक क्षेत्र में सभी सेविका, सहायिका गर्भवती महिलाओं एवं उनके अभिभावकों को समझाएं कि वे अस्पताल में प्रसव कराएं. साथ हीं उन्हें बताएं कि घर पर प्रसव कराना सुरक्षित नहीं है. इसमें वे पंचायत जन प्रतिनिधियों का भी सहयोग लें.
उन्होंने कहा कि महिला पर्यवेक्षिका जहां भी क्षेत्र भ्रमण करे, वहां का जीपीएस लोकेशन के साथ फोटो भेजें. इसी आधार पर उनकी मार्किंग होगी. केयर इंडिया के प्रतिनिधि ने बताया कि सभी आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका धात्री माताओं को बतायें कि छह महीने तक वे बच्चों को सिर्फ स्तनपान करायें. पानी भी नहीं पिलायें.
छह महीने के बाद उन्हें स्तनपान के साथ पूरक आहार भी दें. जिलाधिकारी ने केयर इंडिया की कृतिका को निदेश दिया कि वे आठ से 10 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रखंडवार प्रतिवेदन तैयार करें. जिससे कम उपलब्धि वाले पॉकेट की पहचान की जा सके. उन्होंने कहा कि जिस एलएस की उपलब्धि खराब रहेगी, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी. बैठक में डीपीओ आइसीडीएस रीता सिन्हा, सभी सीडीपीओ, सभी एलएस सहित अन्य शामिल थे.
उन्होंने कहा कि अपने पोषक क्षेत्र में सभी सेविका, सहायिका गर्भवती महिलाओं एवं उनके अभिभावकों को समझाएं कि वे अस्पताल में प्रसव कराएं. साथ हीं उन्हें बताएं कि घर पर प्रसव कराना सुरक्षित नहीं है. इसमें वे पंचायत जन प्रतिनिधियों का भी सहयोग लें.
उन्होंने कहा कि महिला पर्यवेक्षिका जहां भी क्षेत्र भ्रमण करे, वहां का जीपीएस लोकेशन के साथ फोटो भेजें. इसी आधार पर उनकी मार्किंग होगी. केयर इंडिया के प्रतिनिधि ने बताया कि सभी आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका धात्री माताओं को बतायें कि छह महीने तक वे बच्चों को सिर्फ स्तनपान करायें. पानी भी नहीं पिलायें.
छह महीने के बाद उन्हें स्तनपान के साथ पूरक आहार भी दें. जिलाधिकारी ने केयर इंडिया की कृतिका को निदेश दिया कि वे आठ से 10 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रखंडवार प्रतिवेदन तैयार करें. जिससे कम उपलब्धि वाले पॉकेट की पहचान की जा सके. उन्होंने कहा कि जिस एलएस की उपलब्धि खराब रहेगी, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी. बैठक में डीपीओ आइसीडीएस रीता सिन्हा, सभी सीडीपीओ, सभी एलएस सहित अन्य शामिल थे.

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