सहरसा : रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी है. अब उनकी रेल यात्रा पहले से भी आरामदायक और ज्यादा सुरक्षित होगी. सहरसा जंक्शन से खुलने वाली सभी महत्वपूर्ण ट्रेनों में एलएचबी कोच लगेगी. पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारियों की मानें तो फिलहाल बुधवार को सहरसा से आनंद विहार जाने वाली जनसाधरण एक्सप्रेस में एलएचबी कोच लगेगी. इसके बाद शुक्रवार को सहरसा से अमृतसर जाने वाली ट्रेन में एलएचबी कोच लगेगी. बाद में जनहित, राज्यरानी व कोसी एक्सप्रेस में भी एलएचबी कोच लगेंगे.
अगले 3 माह में 25 साल पुराने सारे कोच हटेंगे
सहरसा : रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी है. अब उनकी रेल यात्रा पहले से भी आरामदायक और ज्यादा सुरक्षित होगी. सहरसा जंक्शन से खुलने वाली सभी महत्वपूर्ण ट्रेनों में एलएचबी कोच लगेगी. पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारियों की मानें तो फिलहाल बुधवार को सहरसा से आनंद विहार जाने वाली जनसाधरण एक्सप्रेस में एलएचबी कोच लगेगी. […]

पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारियों की मानें तो रेलवे बोर्ड के निर्देश पर सभी ट्रेनों में एलएचबी कोच लगाये जायेंगे. ताकि रेल यात्रियों की सुरक्षा व मेंटनेंस में आ रही दिक्क्तों से रेल कर्मचारी बच सकें. बता दें कि सहरसा जंक्शन से खुलने वाली लंबी दूरी की गरीब रथ, पुरबिया, हमसफर व वैशाली को छोड़कर अन्य सभी ट्रेनों में 25 साल पुराना सामान्य कोच लगा है.
कोच के अंदर सीटों से लेकर शौचालय तक की स्थिति बदतर है. सभी कोच इतने पुराने व जर्जर हैं कि दुर्घटना के समय रेल यात्री अपनी जान भी नहीं बचा सके. रेल यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर पूर्व मध्य रेलवे ने सभी पुराने कोच हटाकर नया एलएचबी कोच लगाने का निर्णय लिया है.
सिर्फ पुरबिया एक्सप्रेस है एलएचबी कोच से लैस: सहरसा से आनंद विहार जाने वाली सिर्फ पुरबिया एक्सप्रेस ही एलएचबी कोच से लैस है. जबकि छह माह पहले ही जनहित एक्सप्रेस में पुराने कोच हटाकर एलएचबी कोच लगाया जाना था. लेकिन जेनेरेटर यान में आयी तकनीकी खराबी के कारण ऐसा नहीं हो सका. इसके बाद कोच को वापस भेज दिया गया.
पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि जनसाधारण व जनहित एक्सप्रेस के बाद अगले तीन माह के अंदर राज्यरानी व कोसी एक्सप्रेस ट्रेनें भी एलएचबी कोच से लैस होंगे. रेलवे बोर्ड ने निर्देश दिया है कि सहरसा जंक्शन से खुलने वाली सभी ट्रेनें एलएचबी कोच से चले.
एलएचबी कोच की खासियत: यह एक तरह का जर्मन तकनीक का डिजायन किया गया कोच है. सीबीसी कपलिंग होने के कारण यह एक अलग कोच है. जो सामान्य कोच से काफी सुरक्षित है.
स्नैक्स टेबल होने के कारण अगर ट्रेन रफ्तार में हो और कोच के अंदर कोई यात्री गिरे तो उसे चोटें कम आयेगी और गिरने की क्षमता भी कम होगी. दुर्घटना के समय कोच पटरी से उतर सकती है मगर पलट नहीं सकेगी.
इसकी सीटें काफी आरामदायक होती है और कोच की बनावट इंटेरियर होती है. यात्रा के दौरान परेशानी कम होती है. इसके अलावा एसी कोच में फैन नहीं होता है. पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारियों ने दावा किया कि अब तक इस कोच में सफर करने पर दुर्घटना का प्रतिशत शून्य रहा है.