आइएमए का सेमिनार आयोजित
सहरसा : डायबिटीज से आंख में कई तरह की बीमारी हो सकती है. जिसमें मुख्यत: डायबिटिक रेटिनोपैथी है, जो अधिकांशत: टाइप वन डायबिटीज के मरीजों में होती है. उक्त बातें इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा रविवार को शहर के एक होटल में आयोजित सेमिनार को संबोधित करते पटना के चिकित्सक डॉ एसपी तिवारी ने कही. उन्होंने कहा कि डायबिटिक रेटिनोपैथी रक्त शिराओं को प्रभावित करती है. जिसके कारण ससमय मरीजों का इलाज नहीं होने से मरीज अंधापन का शिकार हो जाता है. डॉ तिवारी ने कहा कि डायबिटिक रेटिनोपैथी के अलावे आंखों में आर्म्ड, मोतियाबिंद, मिबोमियन, ग्लैंड की खराबी,
आंखों में आंसू आना सहित कई बीमारी हो सकती है. उन्होंने डायबिटीज मरीजों का इलाज करने वाले चिकित्सकों को भी मरीजों को आंख जांच के लिए प्रेरित करने की अपील की. ताकि समय पर इलाज होने से लोग अंधापन से बच सके. डॉ एसएन चौधरी की अध्यक्षता व डॉ राजेश झा के संचालन में आयोजित सेमिनार का उद्घाटन पूर्व सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार सिंह, डॉ जगदीश चंद्रा, आइएमए अध्यक्ष डॉ एसएन चौधरी, आइएमए सचिव डॉ शिलेंद्र कुमार, डॉ एसपी तिवारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया.
मौके पर डॉ केएस गुप्ता, डॉ सीएम चौधरी, डॉ आइडी सिंह, डॉ एसपी विश्वास, डॉ एसपी सिंह, डॉ विमल कुमार, डॉ पी भाष्कर, डॉ पी प्रभाकर, डॉ अफगान खान, डॉ गणेश कुमार, डॉ एके मिश्रा, डॉ केसी झा, डॉ किशोर कुमार, डॉ नीरज नीरव, डॉ सुमन झा, डॉ आफताब आलम, डॉ संगीता ठाकुर, डॉ कल्याणी सिंह, डॉ सीमा झा, डॉ एसके इशर, डॉ राकेश कुमार सहित अन्य मौजूद थे.
