शहरी क्षेत्र के अधिकांश मुहल्लों में सड़क से लेकर आंगन तक जमा है पानी
सहरसा : गुरुवार को हुई बारिश ने नगर परिषद की पोल खोल दी. बारिश ने वर्ष 2016 की याद ताजा कर दी है. लोग उस समय को याद कर भयभीत हो रहे हैं. लोगों को भय सताने लगा है कि कहीं उसी समय का दृश्य देखने को नहीं मिले. शहर के मुख्य मार्ग से लेकर मोहल्ला तक में जलजमाव हो गया. पूर्व से नप द्वारा जलनिकासी के लिए कोई प्रबंध नहीं करने के कारण आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. मुसलाधार बारिश ने लोगों का घर से निकलना मुश्किल कर दिया. नगर परिषद क्षेत्र के लोगों ने कहा कि यह तो बारिश से पहले का हाल है. प्रशांत मोड़ से बस स्टैंड जाने वाली सड़क में सड़क पर पानी जमा है.
बस से यात्रा करने आनेवाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. वही हाल सहरसा-बनगांव मुख्य मार्ग के मीर टोला के समीप का है. थोड़ी देर ही सही हुई बारिश ने मोहल्ला के घरों में अपना जगह बना ली है. स्थिति यह है कि लोगों को घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. शहर के बटराहा, नया बाजार, मीर टोला, गंगजला, न्यू कॉलोनी, हटियागाछी, सहरसा बस्ती में लोगों को कपड़ा उठाकर चलना मजबूरी बन गयी है. लोगों ने आक्रोश व्यक्त करते कहा कि नगर परिषद सिर्फ कर लेना ही अपना कर्तव्य नहीं समझे. सुविधा देना भी उनका कर्तव्य है. बरसात से पूर्व नाला की सफाई नहीं होने से स्थिति और भयावह होती जा रही है. शहर के अधिकांश नाला पूर्व से भरे थे. अहले सुबह हुई बारिश ने उसे अपने उफान पर ला दिया. लोगों ने बताया कि कहीं यदि सफाई भी होती है तो सफाई कर्मी नाला से निकले कचरे को उसी के बगल में छोड़ देता है. बारिश होने पर वह भी पानी के साथ नाला में पुन: चला जाता है.
