सहरसा : सदर थाना में दर्ज एक धोखाधाड़ी मामले में कार्रवाई की मांग पर सब इंस्पेक्टर द्वारा आवेदक पर पैसा नहीं देने व बिना पैसा का कार्य नहीं करने संबंधी बातचीत का ऑडियो वायरल होने के बाद सनसनी फैल गयी है. मामले में त्वरित संज्ञान लेते हुए एसपी ने सब इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया है.
ऑडियो में आवेदक ने अनुसंधानकर्ता कमलेश सिंह को कई लोगों से बात करायी. सभी ने उनसे आवेदक के गरीब होने व मदद करने की बात कही. जिस पर अनुसंधानकर्ता ने अभी तक एक भी रुपया नहीं देने व बिना पैसा के काम नहीं करने की बात कही. वहीं एक ऑडियो में एक व्यक्ति द्वारा आवेदक के गरीब होने की बात कहने पर आइओ ने कहा कि आपके घर का दरवाजा टूटा है और आप इसका दरवाजा नहीं देखे हैं. वहीं आवेदक भी उनसे कार्रवाई करने का आग्रह कर रहे हैं. अंत में थक हार कर आवेदक ने कहा कि वह केस कर परेशान हैं.
एसपी से लगायी न्याय की गुहार
आवेदक तिरंगा चौक निवासी बिनोद कुमार सिंह ने पुलिस अधीक्षक को डाक के माध्यम से बीते पांच मई को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है. दिये आवेदन में उन्होंने कहा कि गंगजला निवासी कल्याण कुमार को सात लाख रुपये दिया था. जिसे छह माह में वापस करने की बात कह एकरारनामा बना दिया. ससमय पैसा वापस नहीं करने पर तकादा करने पर वर्ष 2017 के 13 जुलाई को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का एक चेक दिया. जिसे खाता में जमा करने पर खाता में पैसा नहीं होने की बात कह चेक वापस कर दिया गया. जिसके बाद संपर्क करने पर कहा कि जब होगा तो वापस कर देंगे. जिसके बाद उसे वकालतन नोटिस भेजा गया. जिसका कोई जवाब नहीं दिया गया. जिसके बाद दोबारा भी नोटिस भेजा गया. वर्ष 2017 के चार अगस्त को सदर थाना में मामला दर्ज कराया गया. पीड़ित ने कहा कि केस के अनुसंधानकर्ता खुलेआम धमकी देता है कि वह नौकर नहीं है. रुपये खर्च करोगे तो मुद्दालय को पकड़ेंगे. उन्होंने कहा कि अनुसंधानकर्ता मुद्दालय से हमेशा बातचीत करते रहते हैं. उल्टे उनसे रिश्वत के तौर पर पैसा मांगा करते हैं. जिसकी मोबाइल रिकॉर्डिंग उसके पास है.
