पूर्णिया : शहर के रामबाग में शनिवार की दोपहर टीन के घर में लगी आग में सब कुछ जल कर राख हो गया. स्थानीय लोगों की मदद से आग पर बड़ी मुश्किल से काबू पाया जा सका. बारबार सूचना के बावजूद अग्निशामक दस्ता समय पर नहीं पहुंचा. अगलगी की इस घटना में एक लाख से अधिक की क्षति का अनुमान है. पीड़ित परिवार वालों के तन पर पहने कपड़ों के अलावा कुछ नहीं बचा.
अगलगी की यह घटना शनिवार की दोपहर रामबाग स्थित राजेंद्र लोहार टीन के घर में हुई. उस समय उनकी पुत्री पुत्री गैस चूल्हा पर खाना बना रही थी. इस दौरान घर के टट्टी में आग लग गयी. देखते-देखते आग भभक उठी और पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया. आग की लपटें इतनी तेज थी कि लोगों को बुलाने तक का मौका मिला. सभी आनन-फानन में बाहर भागे. अगलगी के बाद घर में रखे दो गैस सिलिंडर फट गये. दोनों सिलिंडर करीब 45 फिट की ऊंचाई तक जाकर वापस नीचे गिरी. आग लगने से पास के ही राजकुमार झा के मकान के बाहरी दीवार को नुकसान हुआ है. दीवार में आग लगने से खिड़की, पानी टंकी का पाइप जल गया. इस बीच पड़ोसियों ने भी आग की लपटें देखी और दौड़ते हुए यहां पहुंच कर आग बुझाना शुरू कर दिया. इस बीच फायर स्टेशन को सूचना दी गयी, मगर जब तक दमकल वाले आये तब तक सब कुछ राख की ढेर में तब्दील हो चुका था. लोगों का आरोप है कि दमकल वाले पौने दो घंटे देर से पहुंचे. इस पर लोगों ने आक्रोश भी जताया. इधर, गृहस्वामी राजेंद्र लोहार ने बताया कि इस घटना में पांच हजार नकद के अलावा अनाज व कपड़े सहित अन्य कीमती सामान जल कर राख हो गये. स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को मुआवजा शीघ्र देने की मांग की है. मौके पर सदर थानाध्यक्ष मनीष कुमार पहुंच कर जायजा लिया. वहीं वार्ड पार्षद विजय उरांव अपने निजी कोष से 50 किलो गेहूं व 50 किलो चावल के साथ साथ कुछ नकद रुपये देने की बात कही है.
