सहरसा : समस्तीपुर रेल मंडल के ए ग्रेड में शुमार सहरसा जंक्शन पर यूं तो यात्रियों की सुविधा को लेकर पिछले कुछ सालों में काफी कुछ बदलाव हुआ है. रेल राजस्व के मामले में भी सहरसा को तीसरे ग्रेड में रखा गया है. लेकिन जो सुविधा यात्रियों को सही रूप में उपलब्ध होनी चाहिए थी. उस सुविधा से आज भी यहां के यात्री महरूम हैं.
मालूम हो कि ए ग्रेड सुविधा वाले इस स्टेशन के यात्रियों को इस गर्मी में अपने गले की प्यास बुझाने के लिए नल के शीतल व शुद्ध पेयजल संयंत्र की तलाश में नाकाम होने के बाद बोतल बंद पानी का ही सहारा होता है. स्टेशन पर नल से निकलने वाला पानी आयरन युक्त रहने व ठंडा नहीं रहने के कारण लोग इधर उधर चापाकल के पानी की खोज में स्टेशन के चारों ओर भटकते रहते हैं.स्टेशन पर मात्र दो चापाकल से ही पानी निकलने के कारण चापाकल पर पानी के लिए लोगों की भीड़ लग जाती है. कभी-कभी पानी के चक्कर में तो लोगों की ट्रेन भी छूट जाती है. मालूम हो कि सहरसा जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक व दो पर मात्र एक चापाकल चालू स्थिति में है. जहां इस गर्मी में अपनी प्यास बुझाने के लिए हमेशा यात्रियों की भीड़ लगी रहती है. कहने के लिए तो प्लेटफार्म संख्या दो के फुटओवर ब्रिज के नीचे शीतल पेयजल के लिए एक वाटर कूलर जरूर लगा हुआ है, लेकिन वहां जब यात्री पानी के लिए पहुंचता है तो या तो पानी ही नहीं रहता है, रहता भी है तो गर्म. इसके कारण अपनी प्यास बुझाने के लिए साधारण यात्रियों को भी बोतल बंद पानी का सहारा ले अपनी जेब ढीली करनी पड़ जाती है.
लाखों की लागत से बना है जलमीनार
मालूम हो कि सहरसा में रेल यात्रियों को शुद्ध पेयजल मिले इसके लिए लाखों रुपये की लागत से जल मीनार का निर्माण कराया गया है. लेकिन अभी तक इस जल मीनार के पाइप लाइन से शुद्ध आयरन मुक्त पानी को स्टेशन पर पहुंचाने में रेल अधिकारी विफल हैं. ए ग्रेड स्टेशन पर शुद्ध व शीतल पेयजल की समस्या का अबतक कोई समाधान नहीं होने के कारण जैसे जैसे गर्मी बढ़ती जायेगी, स्टेशन के यात्रियों के लिए पानी की समस्या विकराल होने लगती है.
