बीएनएमयू में यह कैसी परीक्षा किताब खोलकर लिख रहे परीक्षार्थी

सहरसा : बीएनएमयू अपनी अजीब कार्यशैली व कुव्यवस्था को लेकर हमेशा सुर्खियां बटोरते रहा है. अभी बीएड में नामांकन को लेकर प्रॉक्टर की दबंगई से विश्वविद्यालय प्रशासन को राहत भी नहीं मिली थी कि बुधवार को शहर के सर्वनारायण सिंह राम कुमार सिंह महाविद्यालय में आयोजित बीएड की परीक्षा में हो रहे कदाचार की वजह […]

सहरसा : बीएनएमयू अपनी अजीब कार्यशैली व कुव्यवस्था को लेकर हमेशा सुर्खियां बटोरते रहा है. अभी बीएड में नामांकन को लेकर प्रॉक्टर की दबंगई से विश्वविद्यालय प्रशासन को राहत भी नहीं मिली थी कि बुधवार को शहर के सर्वनारायण सिंह राम कुमार सिंह महाविद्यालय में आयोजित बीएड की परीक्षा में हो रहे कदाचार की वजह से सूबे की अराजक हो रही शिक्षा व्यवस्था की पुन: किरकिरी होने लगी है. एसएनएस कॉलेज में आयोजित बीएड की परीक्षा की तस्वीर चौंकाने वाली है. क्लास रूम व परीक्षा रूम में फर्क करना मुश्किल हो रहा है. परीक्षार्थी अपने साथ गैस पेपर, चिट-पुर्जा व किताब लेकर खुलेआम नकल कर रहे हैं. बीएड की इस अराजक परीक्षा

बीएनएमयू में यह…
व्यवस्था को दुरुस्त करने के बजाय कॉलेज प्रशासन ने भी हाथ खड़े कर दिया. इस केंद्र पर मधेपुरा जिले के छह कॉलेज के करीब 581 छात्र-छात्राएं बीएड की परीक्षा दे रहे हैं. इतना ही नहीं परीक्षा के समय कॉलेज परिसर में प्रवेश करते ही जमीन पर फेंके गये चिट के ही दर्शन होते हैं. परीक्षार्थी प्रश्नों के उत्तर कॉपी पर उतारने के बाद पास में ही चिट फेंक देते हैं. प्रमंडलीय मुख्यालय में जिला प्रशासन के नाक के नीचे बह रही कदाचार की गंगोत्री को रोकने के बजाय अविरल प्रवाहित होने के लिए छोड़ दिया गया है. वीक्षकों की प्रतिनियुक्ति में भी खामियां हैं, केंद्र पर दर्जनों महिला परीक्षार्थी रहने के बावजूद महिला वीक्षक की प्रतिनियुक्ति नहीं की गयी है.
एसेसमेंट फॉर लर्निंग की थी परीक्षा
सर्वनारायण सिंह कॉलेज के परीक्षा केंद्र पर आठ जनवरी से ही बीएड की परीक्षा शुरू हुई है. बुधवार को एसेसमेंट फाॅर लर्निंग विषय की परीक्षा थी, जिसकी बीएड पाठ्यक्रम के नौंवे पेपर के रूप में पढ़ाई की जाती है. बरामदे से लेकर कमरे तक में परीक्षार्थी के बैठने की व्यवस्था की गयी थी. सभी जगहों पर परीक्षार्थी अपनी-अपनी सुविधा के अनुसार कदाचार कर रहे थे. कदाचार के लिए कहीं गैस पेपर तो कहीं पहले से संभावित प्रश्नों के उत्तर से मिलान कर नकल की जा रही थी.
इन कॉलेज के छात्र दे रहे परीक्षा
एसएनएस कॉलेज केंद्र पर हो रही परीक्षा में मधेपुरा जिले के टीपी कॉलेज, पीएस कॉलेज, मधेपुरा कॉलेज, एमपी को एजुकेशन, सुभाष चंद्र बोस बीएड कॉलेज व सुपौल जिले के राधेश्याम टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज के छह सौ परीक्षार्थी को शामिल होना था. इसमें पहले दिन से 581 छात्र-छात्राएं शामिल हुई है. ज्ञात हो कि यह परीक्षा पास करने के बाद छात्र देशभर में आयोजित शिक्षक नियुक्ति परीक्षा में शामिल होकर शिक्षक की नौकरी हासिल कर सकते हैं.
बरामदे पर परीक्षार्थी, बगल में चिटार्थी
परीक्षा आयोजित करने की अवधि बारह बजे से तीन बजे तक है. बुधवार को डेढ़ बजे के करीब कॉलेज परिसर का नजारा ही बदला हुआ था. कमरे में सीट की व्यवस्था नहीं रहने के कारण बरामदे पर ही सौ से अधिक परीक्षार्थी की परीक्षा ली जा रही थी. वीक्षक मूकदर्शक बने खड़े हैं व परीक्षार्थी के अभिभावक महज दो से तीन मीटर की दूरी पर खड़े होकर परीक्षार्थी से बात भी कर रहे थे. अभिभावक प्रश्न पूछने के बाद उत्तर भी किताब में ढूंढ़ने के बाद बेरोकटोक पहुंचाने में मशगूल थे. बरामदे पर ड्यूटी कर रहे एक वीक्षक ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि हमलोग कदाचार को नहीं रोक सकते हैं. कदाचार रोकने का आदेश ऊपर से ही साहब लोग देते हैं.
बिना पुलिस बल के तैनात हैं दंडाधिकारी
विश्वविद्यालय की संजीदगी तो किसी से छुपी हुई नहीं है, लेकिन जिला प्रशासन भी पीछे नहीं है. परीक्षा केंद्र पर जिला प्रशासन द्वारा दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति कर दी गयी है, लेकिन पुलिस बल का कोई अता पता नहीं है. ज्ञात हो कि परीक्षा केंद्र पर बंदोबस्त कार्यालय के कानूनगो सागर प्रसाद की प्रतिनियुक्ति की गयी है. वे भी प्राचार्य कार्यालय में बैठ समय गुजार रहे हैं. दंडाधिकारी ने बताया कि पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति को लेकर डीएम, एसपी, एसडीपीओ सहित पुलिस लाइन को भी सूचना दी गयी है. इसके बावजूद पुलिस बल मुहैया नहीं कराया गया है.
कॉलेज में मधेपुरा व सुपौल के छह महाविद्यालय के परीक्षार्थी का केंद्र बनाया गया है. बीएड की परीक्षा है. कदाचार रोकने की कोशिश कॉलेज प्रशासन भी कर रहा है, लेकिन परीक्षार्थी बाहर से ही नकल के लिए चिट लेकर आ जाते हैं. कॉलेज के शिक्षक तो छात्रों के शरीर की जांच नहीं करेंगे. कॉलेज गेट पर पुलिस जवानों की प्रतिनियुक्ति होनी चाहिए.
डॉ केएस ओझा, केंद्राधीक्षक सह प्राचार्य, एसएनएस कॉलेज
बीएड की परीक्षा में हो रहा कदाचार
बिना पुलिस बल के तैनात हैं दंडाधिकारी
मधेपुरा व सुपौल जिले के छह कॉलेज के 581 परीक्षार्थी हो रहे परीक्षा में शामिल
एसएनएस कॉलेज में बनाया गया है केंद्र
..फोटो काहे खींचते हैं, सबकुछ मैनेज है
प्रभात खबर की टीम ने जब बुधवार को एसएनएस कॉलेज में आयोजित हो रही परीक्षा में जारी कदाचार की तस्वीर ली, तो मौके पर मौजूद कॉलेज के कई कर्मी व अभिभावक बोलने लगे कि… फोटो काहे खींचते हैं… सबकुछ मैनेज है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >