महिषी : पिछले एक सप्ताह से क्षेत्र में शीतलहर के प्रकोप व पछिया की कनकनी से अभिशप्त जनजीवन भगवान भास्कर को देख खुश दिखे. दिन भर आसमान में कुहासा व सर्द हवा के कारण बच्चे, वृद्ध सहित सभी जीवों का जीवन संकटमय बना था. लोग आवश्यक कार्यों को छोड़ अधिकतम समय घरों में गर्म बिछावन व अलाव के सहारे जीने को विवश थे. पशुपालकों, कृषकों सहित दैनिक मजदूर भी ठंड से हताहत थे. दुग्ध उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ने लगा था. अलाव की खानापूर्ति से सार्वजनिक स्थलों पर आमजनों को खास परेशानी होती है. रविवार दोपहर बाद व सोमवार को धूप निकलने से सबों को राहत मिली है.
भगवान भास्कर के हुए दर्शन, फिर भी जनजीवन असामान्य
महिषी : पिछले एक सप्ताह से क्षेत्र में शीतलहर के प्रकोप व पछिया की कनकनी से अभिशप्त जनजीवन भगवान भास्कर को देख खुश दिखे. दिन भर आसमान में कुहासा व सर्द हवा के कारण बच्चे, वृद्ध सहित सभी जीवों का जीवन संकटमय बना था. लोग आवश्यक कार्यों को छोड़ अधिकतम समय घरों में गर्म बिछावन […]
