नाट्य गुरु आरटी राजन की छठी पुण्यतिथि पर रंगकर्मियों ने दी उन्हें श्रद्धांजलि
सहरसा : कोसी सहित उत्तर बिहार में नाट्य गुरु के नाम से प्रचलित नाट्य निर्देशक स्वर्गीय आरटी राजन की छठी पुण्यतिथि गुरुवार को आयोजित कर रंगकर्मियों द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि दी गयी. पंचकोसी सांस्कृतिक मंच द्वारा आयोजित पुण्यतिथि के मौके पर सभा की अध्यक्षता करते हुए पंचकोसी के अध्यक्ष खुशबू कुमारी ने नाट्य गुरु स्व आरटी राजन के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने के उनके रंगकर्म के जीवन पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि आरटी राजन का पूरा जीवन ही रंगमंच के लिए समर्पित रहा. उन्होंने अपने जीवन को रंगमंच के लिए ही जबतक जिंदा रहे, तब तक रंगमंच को जीते रहे.
इस मौके पर पंचकोसी सांस्कृतिक मंच के सचिव अभय कुमार मनोज ने नाट्य गुरु आरटी राजन के प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित करने के बाद उनके साथ अपने रंगमंच के बिताये गये पलों की याद दिलायी. उन्होंने कहा कि वास्तव में वे रंगमंच के एक फक्कड़ अभिनेता की तरह आम इंसान थे. जो हर क्षण रंगकर्म और रंगमंच के लिए बात करते थे.
कहा कि कोसी सहित उत्तर बिहार में उन्हें रंगमंच के विकास व अत्याधुनिक रंगमंच को जन्मदाता के लिए जाना जाता रहेगा. पंचकोसी के वरिष्ठ रंगकर्मी अमित कुमार जयजय व सुधांशु शेखर ने कहा कि जब जब इस क्षेत्र में रंगमंच व रंगकर्मियों की बात होगी. सबसे आगे की पंक्ति में नाट्य गुरू स्वर्गीय आरटी राजन का ही नाम होगा. कहा कि उन्हीं की देन है कि सहरसा जैसे छोटे से शहर में अत्याधुनिक रंगमंच का विस्तार हर क्षेत्र में नजर आ रहा है. उनसे नाट्य शिक्षा लेने वाले कई रंगकर्मी आज राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय नयी दिल्ली से शिक्षा लेने के बाद राष्ट्रीय पटल पर इस छोटे से शहर की पहचान बन जिले को गौरवान्वित किया है. इस मौके पर पंचकोसी के रंगकर्मी स्वेता कुमारी, संतोष मिश्र, हिमांशु कुमार सिंह, चंदन भारती, सुमित कुमार, निधि कुमारी, राजीव कुमार, राधेश्याम, आनंद कुमार, अर्जुन कुमार, सुजित कुमार पंडित, विक्की कुमार सिंह, सुंदर कुमार सहित दर्जनों रंगकर्मी ने नाट्य गुरु को पुष्पांजलि कर उन्हें याद किया गया.
