संघ बोले. अफसर शिक्षकों से करा रहे गड़बड़ी
वार्ता के बाद अपनी मांगों पर तुले हैं शिक्षक
कहरा : प्रखंड क्षेत्र के विद्यालयों में पिछले एक सप्ताह से मध्याह्न भोजन बंद रहने से विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति घटने लगी है. संघ के आह्वान पर विद्यालय के सभी प्रधानाध्यापकों द्वारा अपने-अपने विद्यालय के मध्याह्न भोजन बंद कर देने से शिक्षा विभाग भी परेशान है. इस मसले को लेकर कई बार विभाग और शिक्षक संघ के सदस्यों के साथ वार्ता के बावजूद प्रधानाध्यापक मध्याह्न भोजन नहीं बनाने की मांग पर अड़े हैं. इससे विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों पर भी असर पड़ने लगा है.
शिक्षा विभाग के मध्याह्न भोजन के डीपीओ मनोज कुमार ने बताया कि शिक्षकों की मांग को लेकर विभाग के उच्च पदाधिकारियों को लिखा गया है. ऊपर से किसी तरह की आदेश आने पर ही प्रधानाध्यापकों को मध्याह्न भोजन से अलग किया जा सकता है. तब तक प्रधानाध्यापकों से ही मध्याह्न भोजन चलाने की बात कही गई है. वहीं बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के नेता नुनुमणि सिंह ने बताया कि अब तो कोर्ट भी शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्य से अलग रखने की बात विभाग से कह दी है. खासकर मध्याह्न भोजन की जांच के नाम पर शिक्षा विभाग के कई अलग-अलग अधिकारियों द्वारा प्रधानाध्यापकों को बराबर प्रताड़ित किया जाता है.
