सहरसा के लुकमान मरणोपरांत करेंगे अंगदान

सहरसा : डीबी रोड निवासी सामाजिक कार्यकर्ता लुकमान अली ने मरणोपरांत अपनी आंखें व किडनी दान करने की घोषणा की है. उन्होंने दिल्ली के एम्स स्थित ऑरगन रिट्रिवल बैंकिंग ऑर्गनाइजेशन (ऑरबो) से संपर्क साध कर आवेदन सहरसा के लुकमान… किया, जहां आवश्यक जांच पड़ताल के बाद उन्हें अंगदान करने की चिकित्सकीय स्वीकृति दे दी गयी […]

सहरसा : डीबी रोड निवासी सामाजिक कार्यकर्ता लुकमान अली ने मरणोपरांत अपनी आंखें व किडनी दान करने की घोषणा की है. उन्होंने दिल्ली के एम्स स्थित ऑरगन रिट्रिवल बैंकिंग ऑर्गनाइजेशन (ऑरबो) से संपर्क साध कर आवेदन

सहरसा के लुकमान…
किया, जहां आवश्यक जांच पड़ताल के बाद उन्हें अंगदान करने की चिकित्सकीय स्वीकृति दे दी गयी है. लुकमान अली को प्रमाण पत्र जारी करते हुए एम्स ऑरबो के चिकित्सक डॉ सुनील गर्ग ने बधाई दी और उनके अंगदान के इस विचार के लिए शुभकामनाएं दी है. इधर लुकमान ने बताया कि इंसान की मौत के बाद उसका नश्वर शरीर या तो मिट्टी में दफन हो जाता है या आग में जल कर खाक हो जाता है. मौत के बाद उसका शरीर किसी के काम नहीं आ पाता है.
उन्होंने कहा कि मृत्यु के बाद भी शरीर यदि समाज के किसी गरीब व जरूरतमंद के काम आ सके तो इससे बड़ा पुनीत कार्य कुछ भी नहीं हो सकता. मरने के बाद भी जिंदा रहने की ख्वाहिश से मैंने अंगदान की घोषणा की है और आज स्वयं को भाग्यशाली महसूस कर रहा हूं. लुकमान ने कहा कि खुदा का शुक्रगुज़ार हूं कि उन्होंने मुझे ऐसा मौका दिया. मेरी मृत्यु के बाद मेरा शरीर मानवता के काम आयेगा. किसी जरूरतमंद की आंखें बन दुनिया को देखता रहूंगा. किसी के किडनी में प्रत्यारोपित हो जीवन जीता रहूंगा. उन्होंने जन सामान्य व सामाजिक व्यक्ति कहलाने वाले सभी लोगों से अंगदान करने की घोषणा करने की अपील की.
दिल्ली के एम्स स्थित ऑरबो से मिला डोनर सर्टिफिकेट
कहा, मरने के बाद भी जिंदा रहने के लिए लिया यह फैसला

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