100 किलोमीटर की पैदल यात्रा और कंधे पर 108 फीट लंबा कांवर: बिहार के इस शिव मंदिर में जलाभिषेक की अद्भुत कहानी

महादेव के प्रति आस्था का अनूठा उदाहरण देखने को मिला. 108 फीट लंबी कांवर लेकर सैकड़ों श्रद्धालु अगवानी गंगा घाट से 100 किमी पैदल चलकर बाबा कापेश्वर नाथ शिव मंदिर पहुंचेंगे. 26 सितंबर को जलाभिषेक होगा.

108 feet long Kanwar Yatra: जब शिव भक्ति की बयार बहती है, तो दूरी और थकान के सारे पैमाने फीके पड़ जाते हैं. बिहार की पावन धरती पर एक बार फिर आस्था का ऐसा अनुपम दृश्य देखने को मिल रहा है, जिसने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया है. कंधे पर एक या दो फीट नहीं, बल्कि पूरी 108 फीट लंबी भव्य सजी हुई कांवर और होठों पर 'हर-हर महादेव' का अनवरत जाप. सैकड़ों शिवभक्त जब एक साथ कदम से कदम मिलाकर 100 किलोमीटर की दुर्गम पैदल यात्रा पर निकलते हैं, तो राह का हर पत्थर भक्ति का गवाह बन जाता है. सहरसा जिले के सौरबाजार प्रखंड स्थित चर्चित बाबा कापेश्वर नाथ शिव मंदिर से शुरू हुई यह कांवर यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि ग्रामीण आबो-हवा में रची-बसी अगाध श्रद्धा की जीती-जागती मिसाल है.

अगवानी गंगा घाट से उठेगा पावन जल, शुरू होगी संकल्प की यात्रा

कांप बाजार स्थित बाबा कापेश्वर नाथ धाम से सोमवार को सैकड़ों श्रद्धालुओं का जत्था 108 फीट लंबी कांवर लेकर भागलपुर जिले के प्रसिद्ध अगवानी गंगा घाट के लिए रवाना हुआ. भक्ति के इस महाकुंभ में शामिल श्रद्धालु मंगलवार, 22 सितंबर को अगवानी गंगा घाट के पवित्र तट पर पहुंचेंगे. वहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गंगा जल भरकर कांवरिया जत्था वापस अपने गंतव्य की ओर पैदल प्रस्थान करेगा. गंगा तट से लेकर बाबा कापेश्वर नाथ मंदिर तक की लगभग 100 किलोमीटर की यह पैदल दूरी श्रद्धालुओं के धैर्य, आस्था और शारीरिक सहनशक्ति की कड़ी परीक्षा लेगी.

भजन-कीर्तन की गूंज और 500 से अधिक श्रद्धालुओं का जत्था

इस ऐतिहासिक कांवर यात्रा में सिर्फ कांप पूर्वी और कांप पश्चिमी पंचायत के ही लोग शामिल नहीं हैं, बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीण भी उमड़ पड़े हैं. कांवर यात्रा समिति के अध्यक्ष सह मुख्य पुजारी धीरेंद्र यादव के अनुसार इस 100 किलोमीटर की लंबी यात्रा में 500 से अधिक श्रद्धालु एक साथ कीर्तन-भजन करते हुए चलेंगे. ढोल-मंजीरों की थाप और बम-बम भोले के जयकारों के बीच जब 108 फीट लंबी कांवर सड़क से गुजरती है, तो देखने वाले ठिठक कर नतमस्तक हो जाते हैं. रास्ते में पड़ने वाले गांवों के लोग भी इस अलौकिक कांवर के दर्शन के लिए सड़कों के किनारे खड़े नजर आते हैं.

100 किलोमीटर के सफर में सेवा का संकल्प और विश्राम की व्यवस्था

करीब एक सप्ताह तक चलने वाली इस चुनौतीपूर्ण यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं. 108 फीट लंबी कांवर को एक साथ साधते हुए 100 किलोमीटर चलना आसान काम नहीं है. इसलिए कांवरियों के विश्राम और फलाहार के लिए पूरे मार्ग में जगह-जगह स्थान चिन्हित किए गए हैं. स्थानीय ग्रामीणों और सेवा समितियों की मदद से जलपान, स्वास्थ्य देखभाल और रात्रि विश्राम के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. रास्ते के गांवों में रहने वाले आम लोग भी कांवरियों की सेवा के लिए आगे आ रहे हैं, जिससे आपसी भाईचारे और लोक-संस्कृति का सुंदर ताना-बाना दिखता है.

108 feet long Kanwar Yatra: 26 सितंबर को होगा जलाभिषेक, मंदिर प्रांगण में उत्सव का माहौल

अगवानी गंगा घाट से जल भरकर 100 किलोमीटर की कठिन पदयात्रा पूरी करने के बाद श्रद्धालु 26 सितंबर, शनिवार को कांप बाजार स्थित बाबा कापेश्वर नाथ धाम पहुंचेंगे. शनिवार को शुभ मुहूर्त में 108 फीट लंबी कांवर के गंगा जल से भगवान भोलेनाथ का भव्य जलाभिषेक किया जाएगा. जलाभिषेक के दिन मंदिर प्रांगण में विशेष पूजा-अर्चना और महाप्रसाद का आयोजन होगा. इस पावन क्षण का साक्षी बनने के लिए अभी से ही पूरे इलाके में भक्तिमय माहौल बना हुआ है और लोग 26 सितंबर का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.

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By दीपांकर श्रीवास्तव

दीपांकर श्रीवास्तव प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के सहरसा कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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