अकबर, वकार और महताब ने छठ घाट बना कर पेश की गंगा जमुनी तहजीब

सहरसा : सहरसा में छठ महापर्व से न केवल हिंदू, बल्कि इस्लाम धर्म को मानने वाले मुसलमान युवाओं की आस्था भी जुड़ी है. सुबह होते ही युवाओं की टोली हाथ में कुदाल लिए छठ घाट की तरफ निकल पड़ते हैं. घाट पर सफाई करने वाले युवाओं को देख गंगा जमुनी तहजीब देखने को मिलती है. […]

सहरसा : सहरसा में छठ महापर्व से न केवल हिंदू, बल्कि इस्लाम धर्म को मानने वाले मुसलमान युवाओं की आस्था भी जुड़ी है. सुबह होते ही युवाओं की टोली हाथ में कुदाल लिए छठ घाट की तरफ निकल पड़ते हैं. घाट पर सफाई करने वाले युवाओं को देख गंगा जमुनी तहजीब देखने को मिलती है. सहरसा बस्ती का अकबर हो या वकार सभी संध्याकालीन अर्घ्य से पहले सहरसा बस्ती स्थित छठ घाट को तैयार करने में जुटे हुए हैं. पटना, भागलपुर व अलीगढ़ में पढ़ाई करने वाले मोहल्ले के युवक भी छठ पर्व में छुट्टी की अर्जी लगा चुके हैं. उनके घरों में महापर्व का अनुष्ठान नहीं हो रहा, लेकिन मोहल्ले में हिंदू समुदाय के इस महापर्व से जुड़े हुए है. युवाओं की टोली धर्म व मजहब के बंधन से दूर घाट पर छठ व्रतियों को बेहतर सुविधा मिले इसके लिए प्रयत्नशील है.

बीते चार दिनों से मोहल्ले के दर्जनों मुस्लिम युवा सुबह-शाम घाट की सफाई में जुटे हैं. युवाओं के हौसले को देख लोग धार्मिक भाइचारे की मिसाल देते नहीं थक रहे हैं. मुस्लिम युवाओं ने कहा कि समाज में मिलजुल कर और साथ चल कर ही हम सही नागरिक होने का कर्तव्य निभा सकते हैं और जीवन में सफल होने के लिए भी ये सबसे जरूरी है. गंगा, यमुना तहजीब का इससे बड़ा उदहारण कहीं नहीं मिलेगा, एक अच्छे भारत का निर्माण सामाजिक कार्य और समाज मिलकर ही कर सकता है, कोई व्यक्ति विशेष नहीं. इन दिनों शहर के मुस्लिम बहुल इलाके में छठ की तैयारी देखते ही बन रही है. मुस्लिम समाज सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश करते हुए छठ व्रत की तैयारियों में आगे बढ़कर हिस्सा ले रहा है.
रोशनी की है पूरी व्यवस्था: मोहल्ले के मो महताब आरिफ ने बताया कि छठ के संध्याकालीन व प्रात:कालीन अर्घ्य के समय श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाट पर जेनेरेटर के माध्यम से पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की गयी है. जिसमें स्थानीय लोगों द्वारा पूर्ण सहयोग किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि छठ व्रतियों के आने वाले मार्ग में भी स्थानीय पार्षद प्रतिनिधि मशरफ हुसैन व मो हारुण द्वारा नगर परिषद के सहयोग से एलइडी लगायी गयी है.
सड़क से खींचा गया पानी: स्थानीय युवा मो अकबर ने बताया कि मोहल्ले की मुख्य सड़क पर जलजमाव से आवागमन में परेशानी हो रही थी. बारिश का पानी जगह-जगह जमा था. ऐसे में स्वयं के प्रयास से टैंकर के जरिये पानी की निकासी की गयी है. उन्होंने बताया कि डाला लेकर आने वाले व्रती के अलावा दंड प्रणाम देने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी नहीं होगी. इसके लिए सड़क व उसके किनारे को स्वच्छ बनाया जा रहा है. स्थानीय लोगों से भी सड़क किनारे कचरा नहीं फेंकने की अपील की गयी है.
मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सजाया घाट
सहरसा बस्ती के पोखर को स्थानीय मुसलमान युवा मो अकबर हुसैन, महताब आरिफ, मो इब्राहिम हुसैन, मो फारूक रजा, मुन्ना, साबिर, मो सज्जाद, मो शमशीर, मो आफताब, मो अनवर हुसैन, मो मुमताज, मो तारिक, मो हैदर, मो राजु, मो जियाउर रहमान, मो वकार आलम सहित दर्जनों लोग सजाने में जुटे हुए हैं. इन युवाओं द्वारा घाट को सजाने के लिए आपसी सहयोग से धन की व्यवस्था भी की जा रही है. खास बात है कि इनके अभिभावक भी निरंतर बच्चों को सहयोग कर रहे हैं. पर मुस्लिम समुदाय के कई लोग अलग-अलग टीमों में बंटकर छठ घाट की सफाई कर रहे हैं. सफाई कर रहे लोगों का कहना है कि सभी धर्म एक है, धर्म को इंसानों ने ही बांटा है.

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