मरौना : परिजनों द्वारा प्रेमी संग विवाह कराने से इन्कार करना दसवीं कक्षा की नाबालिग छात्रा को इतना नागवार गुजरा कि उसने अपनी जान ही दे दी. घटना सुपौल नदी थानाक्षेत्र के बड़हारा पंचायत की है. मामले को लेकर चौकीदार भागवत पासवान के फर्द बयान पर गत सोमवार को सुपौल नदी थाना में मामला दर्ज कराया गया है.
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार 15 वर्षीय छात्रा का गांव के ही युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था और दोनों आपस में शादी करना चाहते थे. परिजनों को जब इस बात की खबर हुई तो उन्होंने सख्ती बरतते हुए शादी से इन्कार कर दिया और दोनों के मेलजोल पर रोक लगा दी. यह बात छात्रा नागवार गुजरी कि गत 12 अक्तूबर की रात्रि उसने आत्महत्या कर ली. आनन-फानन में परिजनों द्वारा लाश का अंतिम संस्कार कर दिया गया.
हालांकि सूत्रों की मानें तो मृतका छात्रा ने आत्महत्या नहीं की बल्कि इज्जत व वर्चस्व की लड़ाई में छात्रा की निर्मम हत्या कर दी गई. कई लोगों ने बताया कि छात्रा व उक्त युवक के प्रेम प्रसंग से नाराज होकर छात्रा के परिजनों ने उसकी हत्या कर दी और शव को गायब कर दिया.
स्थानीय लोगों की मानें तो शव का अंतिम संस्कार भी नहीं किया गया जबकि प्राथमिकी में अंतिम संस्कार किये जाने की बात कही जा रही है.
घटना बाबत पूछने पर नदी थानाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि चौकीदार द्वारा दिये गए फर्द बयान के आधार पर कांड संख्या 23/17 दर्ज करते हुए अनुसंधान किया जा रहा है.
