सहरसा के सोनवर्षाराज में हादसा: दोस्तों के साथ नहाने गया बच्चा पोखर में डूबा, परिजनों में कोहराम

सोनवर्षाराज के बरैठ पंचायत में एक 10 वर्षीय बच्चे की पोखर में डूबने से मौत हो गई. स्नान के दौरान गहरे पानी में जाने से यह हादसा हुआ. गांव में शोक की लहर है.

Saharsa news: बिहार के सहरसा जिले के सोनवर्षाराज अंतर्गत बसनही थाना क्षेत्र की बरैठ पंचायत से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके के लोगों की आंखें नम कर दी हैं. यहां पंचायत सरकार भवन के पास बने पोखर में नहाने गए 10 साल के एक मासूम बच्चे की गहरे पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई.

हंसते-खेलते पोखर पहुंचे थे मासूम, पल भर में बदला मंजर मृतक बच्चे की पहचान तमकुलहा गांव के वार्ड नंबर 9 निवासी राज कुमार यादव के 10 वर्षीय पुत्र अंकुश कुमार के रूप में हुई है. मिली जानकारी के मुताबिक सोमवार को अंकुश अपने गांव के ही कुछ अन्य बच्चों के साथ खेलता हुआ पंचायत सरकार भवन के पास बने पोखर में नहाने गया था. बच्चे पानी में छप-छप करते हुए खेल-कूद रहे थे और एक-दूसरे के साथ मस्ती कर रहे थे. इसी दौरान नहाते-नहाते मासूम अंकुश बिना समझे पोखर के गहरे पानी वाले हिस्से की तरफ चला गया. पानी की गहराई ज्यादा होने के कारण वह खुद को संभाल नहीं सका और अचानक डूबने लगा.

चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीण, बचाने की बेताब कोशिश अंकुश को पानी में छटपटाते और डूबते देख साथ मौजूद छोटे-छोटे बच्चों के हाथ-पांव फूल गए. बच्चों ने डर के मारे जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया. बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास खेतों और रास्तों पर मौजूद स्थानीय लोग बिना एक पल गंवाए पोखर की तरफ दौड़े. पलभर में ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गांव के कई युवक तुरंत पोखर के ठंडे और गहरे पानी में उतर गए और मासूम की तलाश शुरू कर दी. काफी देर तक चले तलाशी अभियान और भारी मशक्कत के बाद आखिरकार अंकुश को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और मासूम की सांसें उखड़ चुकी थीं.

घर में मचा कोहराम, गांव में पसरा मातमी सन्नाटा जैसे ही अंकुश के बेजान शरीर को पानी से बाहर लाया गया, वहां मौजूद हर शख्स का कलेजा पसीज गया. घटना की खबर जंगल में आग की तरह तमकुलहा गांव तक पहुंच गई. खबर सुनते ही परिजन बदहवास होकर घटनास्थल की ओर भागे. अपने 10 साल के मासूम जिगर के टुकड़े का बेजान शरीर देखकर माता-पिता और परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. परिजनों के चीत्कार से पूरा इलाका दहल उठा. जिस घर में सुबह तक बच्चे की हंसी गूंज रही थी, वहां अब केवल रोने-बिलखने की आवाजें आ रही थीं. इस हृदयविदारक हादसे के बाद से पूरे गांव में चुप्पी और मातम का माहौल है.

अनपेक्षित खतरे और बढ़ती दुर्घटनाएं, स्थानीय लोगों में चिंता ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत सरकार भवनों और सार्वजनिक जमीनों के आसपास बने पोखरों में अक्सर सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं होते हैं. बरसात और जलभराव के दिनों में यह पोखर मासूम बच्चों के लिए जानलेवा साबित होते हैं. स्थानीय निवासियों का कहना है कि बच्चे अक्सर बड़ों की नजरों से बचकर नहाने चले जाते हैं और गहराई का अंदाजा न होने के कारण हादसे का शिकार हो जाते हैं. इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक सजगता और अभिभावकों की सतर्कता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.

Saharsa News: पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई हादसे के बाद घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई और दुखी लोगों ने तुरंत इसकी सूचना बसनही थाना पुलिस को दी. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी सक्रिय हो गया. बसनही थानाध्यक्ष विकास कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पोखर में बच्चे के डूबने की सूचना मिली है. सूचना मिलते ही पुलिस टीम को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया है. पुलिस मौके पर पहुंचकर आगे की कानूनी कार्रवाई और कागजी प्रक्रियाओं को पूरा करने में जुटी हुई है.

Also Read: जमुई वायरल वीडियो पर उमेश कुशवाहा बोले- दोषी कितने भी बड़े हों, पुलिस के कब्जे में आएंगे, मंत्री सुनील कुमार ने कही ये बात

Also Read: बिहार में करम पूजा के दौरान हादसा : पोखर में नहाने गये 6 बच्चों की डूबकर मौत, एक को बचाने में सभी डूबे

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Amit Singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >