Saharsa News: सहरसा जिले के सत्तरकटैया प्रखंड मुख्यालय स्थित खादीपुर और सत्तरकटैया बाजार में रविवार को खाद दुकानदारों ने असामाजिक तत्वों के खिलाफ विरोध जताते हुए अपनी-अपनी दुकानों में तालाबंदी कर दी. दुकानदारों का आरोप है कि कुछ लोग खाद लेकर भुगतान नहीं करते, फिर उसी खाद को अधिक कीमत पर बेच देते हैं और विरोध करने पर गाली-गलौज, मारपीट तथा जान से मारने की धमकी देते हैं. इस विरोध के कारण निरीक्षण के लिए पहुंचे कृषि विभाग के अधिकारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा.
खाद विक्रेता संघ ने जिला कृषि पदाधिकारी और बिहरा थानाध्यक्ष को लिखित आवेदन देकर सुरक्षा की मांग की है. दुकानदारों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे.
खादीपुर और सत्तरकटैया बाजार की खाद दुकानें रहीं बंद
रविवार सुबह से ही प्रखंड मुख्यालय स्थित कई खाद दुकानों के शटर बंद रहे.
दुकानदारों ने सामूहिक रूप से तालाबंदी कर यह संदेश देने की कोशिश की कि लगातार हो रही धमकी और दबंगई के बीच व्यवसाय करना मुश्किल हो गया है.
दुकानदारों ने लगाए गंभीर आरोप
खाद विक्रेता संघ के अध्यक्ष अरुण कुमार यादव ने बताया कि आए दिन असामाजिक तत्व दुकानदारों से खाद लेकर पैसे का भुगतान नहीं करते.
उनका आरोप है कि खाद लेने के बाद कुछ लोग उसे दूसरे लोगों के माध्यम से अधिक कीमत पर बेच देते हैं और विरोध करने पर दुकानदारों को गाली-गलौज, मारपीट और धमकी का सामना करना पड़ता है.
कृषि विभाग का निरीक्षण भी प्रभावित
तालाबंदी के कारण उस समय बाजार में पहुंचे कृषि विभाग के अधिकारियों को भी कठिनाई हुई.
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि खाद की दुकानों का संचालन बाधित हुआ तो इसका असर किसानों पर भी पड़ेगा, क्योंकि खेती के मौसम में खाद की उपलब्धता सबसे महत्वपूर्ण होती है.
Saharsa News: पुलिस और कृषि विभाग से सुरक्षा की मांग
खाद विक्रेताओं ने जिला कृषि पदाधिकारी और बिहरा थानाध्यक्ष को लिखित आवेदन देकर सुरक्षा उपलब्ध कराने और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
दुकानदारों का कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते हस्तक्षेप नहीं करता है तो खाद कारोबार पूरी तरह प्रभावित हो सकता है.
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
विक्रेताओं ने स्पष्ट कहा है कि यदि उनकी शिकायतों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे.
उनका कहना है कि भय और दबाव के माहौल में व्यवसाय चलाना संभव नहीं है और प्रशासन को तत्काल प्रभाव से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए.
आवेदन देने वालों में सुमित कुमार, रितिक राज, कौशल कुमार, राकेश कुमार, मो. हमीद, फूलदेव यादव, लालो यादव, दिनेश यादव, तारनी साह, विनोद कुमार यादव, सुनील कुमार, पंकज कुमार यादव सहित अन्य खाद विक्रेता शामिल हैं.
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