Bihar Students Protest FIR: NEET पेपर लीक के विरोध में बिहार में हुए छात्र आंदोलन के बाद दर्ज FIR को लेकर अब नया विवाद खड़ा हो गया है. किशनगंज के एक छात्र ने रूस से वीडियो जारी कर दावा किया है कि वह प्रदर्शन में शामिल ही नहीं था, फिर भी उसका नाम FIR में शामिल कर दिया गया. दूसरी ओर, बेऊर जेल के बाहर बंद छात्रों के परिजनों और दोस्तों का गुस्सा भी खुलकर सामने आया है.
'मैं रूस में हूं, फिर FIR कैसे?'
किशनगंज जिले के सतमेरी कुलभिटा पंचायत निवासी मोहम्मद सदाकत कोनन राही ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया है. वीडियो में उसने दावा किया कि चार महीने से मैं रूस में हूं. जिस दिन बहादुरगंज में NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन हुआ, उस समय मैं रूस में ही था.
उसका कहना है कि वह मौके पर मौजूद ही नहीं था. इसके बावजूद उसका नाम FIR में जोड़ दिया गया. छात्र ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और FIR की समीक्षा करने की मांग की है.
46 छात्रों के खिलाफ दर्ज हुई है FIR
जानकारी के मुताबिक, बहादुरगंज प्रदर्शन मामले में कुल 46 छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. इन्हीं नामों में कोनन राही का भी नाम शामिल है. रूस से वीडियो सामने आने के बाद अब इस FIR को लेकर नए सवाल उठने लगे हैं.
हालांकि, छात्र के दावे पर प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.
छात्रों के परिजन बोले- पहले गोरे अंग्रेजों का शासन था, अब काले अंग्रेजों का है
बेऊर जेल के बाहर बुधवार सुबह से ही बंद छात्रों के दोस्त और परिजन मौजूद हैं. उनका कहना है कि सुबह 6 बजे से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक छात्रों की रिहाई नहीं हुई.
नाराज छात्रों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आज छात्रों को रिहा नहीं किया गया तो कल फिर सड़क पर उतरेंगे. पहले गोरे अंग्रेजों का शासन था, अब काले अंग्रेजों का शासन है."
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जेल प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
परिजनों ने जेल प्रशासन पर भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि बच्चों के लिए ले जाए जा रहे सामान को सिपाही रख लेते हैं. खाने-पीने की चीजें भी छात्रों तक नहीं पहुंच रही हैं.
कुछ परिजनों ने आरोप लगाया कि जेल में मुलाकात के लिए एजेंट सक्रिय हैं. पैसे देने वालों की मुलाकात जल्दी हो रही है, जबकि ऑनलाइन आवेदन करने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
छात्रों के शोषण का भी आरोप
परिजनों का आरोप है कि जेल में बंद छात्रों को पुराने और गंभीर अपराधों में बंद कैदियों के साथ रखा गया है. उनका कहना है कि छात्रों पर दबाव बनाया जा रहा है और उनसे पैसे भी मांगे जा रहे हैं. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
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