Rohtas News : (सुजीत कुमार) रोहतास जिले के शिवसागर प्रखंड के तेलीपोखर गांव में एक गाय और चार भैंसों की अचानक मौत से सनसनी फैल गई. घटना के बाद गांव के पशुपालकों में दहशत का माहौल है. प्रारंभिक तौर पर हरा चारा खाने के बाद मवेशियों की तबीयत बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है. पशुपालन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
एक साथ पांच मवेशियों की मौत से मचा हड़कंप
शुक्रवार देर शाम तेलीपोखर गांव निवासी राधेश्याम सिंह के एक गाय और चार भैंसों की अचानक मौत हो गई. घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे. पीड़ित पशुपालक ने बताया कि सभी मवेशियों को शाम में हरा चारा खिलाया गया था, जिसके कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और एक-एक कर सभी की मौत हो गई.
हरा चारा खाने के बाद बिगड़ी तबीयत की आशंका
राधेश्याम सिंह ने आशंका जताई कि हरा चारा खाने के बाद ही मवेशियों की तबीयत खराब हुई. इस घटना से उन्हें लाखों रुपये की आर्थिक क्षति हुई है. वहीं गांव के अन्य पशुपालकों में भी भय का माहौल है और लोग अपने मवेशियों के चारे को लेकर सतर्कता बरत रहे हैं.
पशुपालन विभाग ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही पशुपालन विभाग की टीम सक्रिय हो गई. ग्रामीणों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच कर मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने की मांग की है.
पशु चिकित्सक ने दी महत्वपूर्ण सलाह
शिवसागर के पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अभिषेक कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया हरा चारा खाने के बाद मवेशियों की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई है, लेकिन मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. उन्होंने बताया कि कम उम्र की ज्वार (सोरघम), सूडान घास और ज्वार-सूडान संकर फसल में कुछ परिस्थितियों में साइनाइड उत्पन्न करने वाले यौगिकों की मात्रा बढ़ सकती है, जिससे पशुओं में विषाक्तता का खतरा रहता है. उन्होंने पशुपालकों से चारे की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और किसी भी असामान्य लक्षण दिखने पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करने की अपील की.
समाजसेवी ने पीड़ित परिवार को बंधाया ढांढस
घटना की जानकारी मिलने पर समाजसेवी बंटी चौबे मौके पर पहुंचे और पीड़ित पशुपालक राधेश्याम सिंह से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी. उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की.
