दो भाइयों की मौत के बाद मदद में आगे आये सामाजिक कार्यकर्ता
डेहरी कार्यालय : सोन नदी में मकराइन गांव के पास इमलिया घाट पर बुधवार को अहले सुबह दो सगे भाइयों का शव मिलने पर कोहराम मच गया. घटना की सूचना आग की तरह फैल गयी. परिजनों की चीत्कार से पूरे इलाका गूंज उठा. डेहरी-पटना मुख्य सड़क के बगल में स्थित मृत बालकों के घर पर […]
डेहरी कार्यालय : सोन नदी में मकराइन गांव के पास इमलिया घाट पर बुधवार को अहले सुबह दो सगे भाइयों का शव मिलने पर कोहराम मच गया. घटना की सूचना आग की तरह फैल गयी. परिजनों की चीत्कार से पूरे इलाका गूंज उठा. डेहरी-पटना मुख्य सड़क के बगल में स्थित मृत बालकों के घर पर सैकड़ों की संख्या में लोग जुट गये.
अब घर में बची विधवा मां व दो अबोध बच्चियों के भविष्य को लेकर चिंता सताने लगी है. इनकी परवरिश को लेकर भी लोग चिंतित हैं. बच्चियों के सामने ही परिवार की जिम्मेवारी आ गयी है. घटना के बाद एक बार तो ऐसा लगा की घटना से दुखित व आक्रोशित लोग शव को सड़क पर रखकर सड़क जाम करेंगे, परंतु परिजन, मकराइन गांव के बुद्धिजीवियों व वार्ड पार्षद की पहल पर सड़क जाम नहीं हुआ. डालमियानगर थानाध्यक्ष मृत बालकों के परिजनों के पास पहुंचकर ग्रामीणों के साथ बैठ मुआवजे की राशि दिलवाने के लिए वरीय अधिकारियों से बात किया. जिससे ग्रामीण व परिजन संतुष्ट दिखे.
विधवा मां के दो लालों के काल के गाल में समा जाने के बाद गमगीन मकराइन के सामाजिक कार्यकर्ता परिजनों के आंसू पूछने के साथ-साथ उन के मदद में आगे आये. अहले सुबह से वार्ड पार्षद कलावती देवी, उनके पति राजू कुमार, पति के बड़े भाई मनोज कुमार सिंह, पूर्व विधायक सोम प्रकाश, संतोष सिंह, धनजी सिंह, विजय सिंह, राम कुमार, सुनील सिंह आदि सोन नद से मृतक के घर शव लाने, उसे पोस्टमार्टम के लिए सासाराम भेजने व परिजनों के आंसू पोछने में तत्पर दिखे.
पार्षद कलावती देवी के भसूर व सामाजिक कार्यकर्ता मनोज कुमार सिंह मृत बालकों के परिजन को सहायता के लिए एक लाख रुपये सहायता राशि देने की घोषणा की. उनकी सहृदयता की उपस्थित लोगों ने सराहना करते हुए उम्मीद जतायी कि श्री सिंह के समान ही शहर के अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठन से जुड़े लोगों द्वारा दुख के पहाड़ टूटे हुए उक्त गरीब परिवार की मदद में आगे आयेंगे.
इस संबंध में डालमियानगर थानाध्यक्ष सुधीर कुमार ने कहा कि मृत बालकों के परिजनों को सरकार के द्वारा निर्धारित मुआवजे की राशि उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों से बात की गई है. परिजन व ग्रामीणों द्वारा घटना के बाद प्रशासन के साथ पूरी तरह सहयोग करने के लिए प्रशासन उनकी सराहना करता है.