डीपीआर बनाने के लिए एजेंसी का चयन होने के बाद सर्वेक्षण शुरू सूखा व पेयजल संकट से जूझ रहे नौहट्टा व रोहतास प्रखंड के किसानों के लिए साबित होगी वरदान
नौहट्टा : बहुचर्चित अवसानी जलाशय योजना के सर्वेक्षण के बाद तैयार डीपीआर को जल संसाधन विभाग ने स्वीकृति दे दी है. प्रदेश सरकार अब अवसानी जलाशय योजना को धरातल पर उतारने में जुट गयी है. जल संसाधन विभाग ने योजना का डीपीआर बनाने के लिए एजेंसी का चयन भी कर लिया गया है. डीपीआर पर सरकार की मुहर लगते ही जमीन पर भी काम जल्द ही शुरू हो जायेगा.
तारडीह गांव के पास अवसानी नदी पर जलाशय निर्माण के लिए विस्तृत योजना प्रतिवेदन तैयार करने का पीपीआर विभागीय समीक्षा समिति की बैठक शुक्रवार को मुख्य अभियंता समग्र योजना अन्वेषण व योजना आयोजन पटना की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में आहूत की गयी है. बैठक में अवसानी जलाशय योजना के डीपीआर की समीक्षा उपरांत विभागीय समीक्षा समिति द्वारा अनुमोदन भी प्राप्त करने का निर्णय लिया गया है. अवसानी जलाशय योजना का कुल भंडारण क्षमता 38 प्वाइंट 875 मिलियन क्यूबिक मीटर होगा. जलाशय की ऊंचाई 26 प्वाइंट सात मीटर होगा. इस जलाशय योजना से 433 प्वाइंट 97 हेक्टेयर क्षेत्र डूब क्षेत्र होगा, जिसमें वन क्षेत्र व कौड़ियारी गांव पड़ेगा. जलाशय की कुल लंबाई दो किलोमीटर होगी.
इस जलाशय से निलकलने वाली बायीं नहर से 31.01 हेक्टेयर व दायीं नहर से 1278 हेक्टेयर खरीफ फसल का पटवन होगा. जबकि, दोनों नहरों से 300-300 हेक्टेयर रबी फसल का पटवन होगा. इस जलाशय से रोहतास व नौहट्टा प्रखंड के सात हजार हेक्टेयर भूमि का पटवन होगा. जलाशय के दाहिने तरफ के नहर से तारडीह, माधा,
अकबरपुर, उचेला, पटखौलीआ, कोशडीहरा, नावाडीह, जमुआ, मझिगावां, नीरपुर, शाहपुर, सिंहपुर, बेलौंजा, दारानगर, भदारा, गुरुषोत, भंगिया, कमायल, खैरवा, बान्दू, खैरवा खुर्द, अवरैया, बरैचा आदि गांव व बाई नहर से भुअरा-भूआरी, सुंदरगंज, बकनौरा, समहुता, बंजारी, महुराव, रसूलपुर, कसिगांवां, खजुरी, तेलकप, ढेलाबाग, नारायणचक कर्मा, नावाडीह व तुंबा गांव के खेतों का पटवन होगा.
