पहाड़ी व तलहटी क्षेत्र के चप्पे-चप्पे को खंगाल रही पुलिस
सासाराम नगर : छतरपुर (झारखंड) के काला पहाड़ी में नक्सलियों से पुलिस मुठभेड़ के बाद रोहतास पुलिस हाई अलर्ट पर है. जिला पुलिस सीआपीएफ के सहयोग से पहाड़ी व तलहटी क्षेत्रों में सर्च अभियान चला रही है. वही ड्रोन से चप्पे-चप्पे पर रखी जा रही है. गौरतलब है कि रविवार की देर रात हार्डकोर व सबजोनल कमांडरों की काला पहाड़ में ठहरने की सूचना पर पुलिस क्षेत्र की घेराबंदी की जहां टीपीसी (नक्सलियों) से मुठभेड़ हुआ. जिसमें तीन हार्डकोर मारे गये वहीं चार नक्सलियों को घायलावस्था में पकड़ा गया था. शेष नक्सली भागने में सफल हो गये. पुलिस को शक है कि नक्सली औरंगाबाद के रास्ते रोहतास जिले में प्रवेश कर सकते हैं.
कैमूर पहाड़ी पर नक्सलियों को सुरक्षित ठिकाना मिलता है. स्थानीय लोग पैसे के लोभ व भय से नक्सलियों को सहयोग करते हैं. वहीं अपनी जाति के नक्सलियों को वनवासी मदद करते हैं. यह पहले से ही होता आया है. पुलिस भी इससे भलिभांती अवगत है. झारखंड पुलिस से मिली इनपूट पर रोहतास पुलिस खास क्षेत्रों में सर्च अभियान चला रही है. कैमूर पहाड़ी के तारडीह, माधा, कोड़ियारी, धनसा, बुधुआ व तारडीह पंचायत के कुबा गांव पर विशेष नजर रखी जा रही है. जिला पुलिस सीआरपीएफ के सहयोग से सोन नदी से सटे गांवों के एक-एक घर की तलाशी ले रही है. ड्रोन से सोन डीला व जिले से सटे सीमा पर नजर रख रही है.
दिलीप बैठा नहीं, अजय राजभर है रडार पर
हाल के दिनों में हार्डकोर नक्सली दिलीप बैठा जिले में चर्चा पर था. लेकिन, 18 मई को इसके खास सहयोगी वीरेंद्र यादव पुलिस के हत्थे चढ़ गया. तभी मौका मिलते ही दिलीप बैठा भाग निकला. पूछताछ में वीरेंद्र यादव से पुलिस को कई खास जानकारी हाथ लगी है. पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, नक्सली के बड़े नेता हार्डकोर नक्सली गढ़वा (झारखंड) के पीपरा गांव निवासी अजय राजभर को एरिया कमांडर बना रोहतास भेजना चाहते है. चुकि, अजय राजभर कैमूर पहाड़ी से भली-भांती परिचित है और इसका ससुराल नौहट्टा थाना क्षेत्र के कुबा गांव में है. इसकी पत्नी गीता देवी तेंदुनी पंचायत की मुखिया है. अजय फिलहाल अपने गांव में ही छिप कर संगठन को पुन: खड़ा करने में लगा है.
चलाया जा रहा सर्च अभियान
छतरपुर की घटना के बाद जिले में विशेष चौकसी रखी जा रही है. खासकर सोन नद व पहाड़ी और तलहटी के क्षेत्रों में सर्च अभियान चलाया जा रहा है. टीपीसी के हार्डकोर नक्सली अजय राजभर पर विशेष नजर है. फिलहाल वह अपने गांव में ही छिप कर रह रहा है. वही दिलीप बैठा पास झारखंड लौट गया है, ऐसी सूचना है.
दुर्गेश कुमार, एएसपी (अभियान), नक्सल
