अवैध ढंग से बने मकान का उपयोग कर रहे रिटायर कर्मी

अभी कोई कदम नहीं उठाया गया, तो आगे होगी अधिक परेशानी डेहरी कार्यालय : शहर में बनी जल संसाधन विभाग की कॉलोनी में खाली पड़ी भूमि पर अवैध रूप से पक्के भवन का निर्माण धड़ल्ले से हो रहा है. इन अवैध निर्माणों में अधिकतर सिंचाई विभाग से सेवानिवृत्त हुए अधिकारी व कर्मचारी या उनके रिश्तेदारों […]

अभी कोई कदम नहीं उठाया गया, तो आगे होगी अधिक परेशानी

डेहरी कार्यालय : शहर में बनी जल संसाधन विभाग की कॉलोनी में खाली पड़ी भूमि पर अवैध रूप से पक्के भवन का निर्माण धड़ल्ले से हो रहा है. इन अवैध निर्माणों में अधिकतर सिंचाई विभाग से सेवानिवृत्त हुए अधिकारी व कर्मचारी या उनके रिश्तेदारों द्वारा किया जा रहा है. जल संसाधन विभाग के एनीकट रोड में अनुमंडल कार्यालय के जानेवाली सड़क के दोनों तरफ स्थित सिंचाई विभाग के क्वार्टरों से सटे ऐसे अवैध निर्माण कार्य सबसे अधिक नजर आते हैं. लोगों का कहना है कि इन अवैध निर्माण को हटवाने के लिए किसी भी अधिकारी द्वारा कोई कारगर प्रयास का नहीं किया जा रहा है.
लोगों को अंदेशा है कि सिंचाई विभाग की अति महत्वपूर्ण खरबों रुपये मूल्य की इस भूमि पर हो रहे इस अवैध कब्जे को अगर तुरंत नहीं हटाया गया, तो आनेवाले समय में इसे खाली कराना विभागीय अधिकारियों को लोहे के चने चबाने जैसा होगा. कई क्वार्टरों में रहनेवाले सरकारी कर्मचारी अपने सेवानिवृत्ति से पहले रह रहे क्वार्टरों के अगल-बगल खाली भूमि पर अवैध ढंग से पक्का मकान बनाकर सेवानिवृत्ति के बाद भी अवैध मकानों को अपना आशियाना बना बैठे हैं. सब कुछ जानते हुए भी अनजान बैठे संबंधित वरीय अधिकारी शायद यह समझ बैठे हैं कि सेवानिवृत्ति के बाद सिंचाई विभाग के कर्मियों को ही खाली पड़ी सारी भूमि आवंटित कर दी जायेगी.
यहां बने अवैध तरीके से भवन
जल संसाधन विभाग का शहर में थाना चौक से एनीकट जाने के रास्ते में बीएमपी गेट तक व डेहरी हाई स्कूल के आसपास स्थित विभागीय कॉलोनी में बने क्वार्टर के आस पास खाली पड़ी भूमि पर अवैध ढंग से पक्का के भवन निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी है. सब कुछ जानते हुए भी संबंधित विभागीय अधिकारियों का अनजान बने रहना अवैध ढंग से भवन बनाने वालों के मनोबल को बढ़ा रहा है.
बाेले लोग
खाली पड़ी भूमि पर अतिक्रमण कर बनाये जा रहे मकानों के लिए विभाग के सेवानिवृत्त कर्मियों की संलिप्तता खतरनाक रूप धारण कर रही है. इस पर त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए.
अजय कुमार
अनुमंडल कार्यालय से सटे कॉलोनी में सर्वाधिक अतिक्रमण का नजारा देखने को मिल रहा है. जिस पर अधिकारियों की चुप्पी उनके कर्तव्यों के ऊपर उंगली उठा रही है.
मोहन सिंह
सेवानिवृत्ति के बाद क्वार्टरों को खाली कर उसी जगह अपने द्वारा बनाये गये मकानों में सेवानिवृत्त कर्मचारी अपने घर बसा बैठे हैं. उस पर वरीय अधिकारियों को कार्रवाई करनी चाहिए.
रमेश सिंह
जब सिंचाई विभाग कॉलोनी की जमीन पर विभागीय के कभी कर भी रहे लोगों द्वारा ही कब्जा जमाये बैठ गया है, तो अन्य हिस्से में क्या स्थिति होगी. इसका सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है.
सुरेंद्र कुमार

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