शहर में 25 मीटर चाैड़ा होगा पुराना जीटी रोड !

ड्रेनेज के लिए जगह बनाने में टूट सकते हैं कई मकानों के छज्जे व सीढ़ियां सासाराम कार्यालय : शहर में बीच से गुजरे पुराने जीटी रोड का कायाकल्प होने वाला है. इसके लिए सड़क निर्माण विभाग ने पुराने जीटी रोड को फोरलेन में बदलने के लिए सर्वे का काम लगभग पूरा कर लिया है. शहर […]

ड्रेनेज के लिए जगह बनाने में टूट सकते हैं कई मकानों के छज्जे व सीढ़ियां
सासाराम कार्यालय : शहर में बीच से गुजरे पुराने जीटी रोड का कायाकल्प होने वाला है. इसके लिए सड़क निर्माण विभाग ने पुराने जीटी रोड को फोरलेन में बदलने के लिए सर्वे का काम लगभग पूरा कर लिया है.
शहर में फोरलेन सड़क करीब 25 मीटर चौड़ी होगी. हालांकि, वर्तमान में फजलगंज नहर से लेकर शांति प्रसाद जैन कॉलेज तक पुराने जीटी रोड के किनारे देखने पर लगता नहीं कि इतनी चौड़ी सड़क यहां बन सकती है. लेकिन, हकीकत है कि पूरब से पश्चिम करीब सात किलोमीटर पुराने जीटी रोड के दोनों किनारों के बीच 25 से 30 मीटर का जगह है.
यह सच है कि सड़क के किनारे की अधिकतर भूमि पर लोग दुकान, मकान की सिढ़ी, गैराज आदि में उपयोग कर रहे हैं. कई ऐसे भी हैं, जो सरकारी भूमि में अपने मकान के सामने मंदिर स्थापित कर अपने बचने का उपाय किये हैं. लेकिन, यह उपाय अब कारगर नहीं है. क्योंकि, फोरलेन सड़क में बाधक बनने वाले प्रत्येक निर्माण को प्रशासन हटायेगा. प्रशासन के इस रूख से कई प्रतिष्ठानों, मकानों, मंदिर व मजारों के अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न हो गया है.
शहर में 25 से 30 मीटर का फोरलेन सड़क बनेगा. सड़क के दोनों किनारों पर फुटपाथ होगा. इसके बाद ड्रेनेज बनेगा. इस तरह के निर्माण के बाद सड़क के किनारे फुटपाथी दुकानदारों के लिए जगह नहीं बचेगा. इन दुकानदारों के लिए वेंडर जोन की तलाश में नगर पर्षद लगी है. एक वेंडर जोन तैयार हो चुका है, जो दुकानदारों की संख्या के अनुपात में नाकाफी है.
सर्वे का काम हो चुका है पूरा
शहर में फोरलेन सड़क के लिए सर्वे का कार्य लगभग पूराहो चुका है. 25 से 30 मीटर का सड़क होगा, जिसमें दोनों ओर आठ से 10 फुट का फुटपाथ होगा. सड़क निर्माण के लिए प्राक्कलन की तैयारी की जा रही है. जल्द ही प्राक्कलन बना टेंडर होगा.
एके सुमन, कार्यपालक अभियंता, सड़क निर्माण विभाग
प्रशासन को कई जगह होगी परेशानी
फजलगंज से शांति प्रसाद जैन कॉलेज तक सड़क के दोनों किनारों में करीब दो दर्जन मंदिर व मजार सरकारी भूमि पर स्थित हैं. इसके बाद कई स्थानों पर महापुरुषों की प्रतिमा स्थापित हैं, जिन्हें हटा कर दूसरी जगह स्थापित करने में प्रशासन को परेशानी होगी. इसके अलावा कई मकान व दुकान सरकारी भूमि का अतिक्रमण किये हैं, जिन्हें तोड़े बिना फोरलेन सड़क मुकम्मल होना मुश्किल है.

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