Raxaul Airport: बिहार में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा रहा है. ऐसे में रक्सौल एयरपोर्ट की बात करें तो, उसके निर्माण कार्य को तेजी से पूरा किया जा रहा है. रक्सौल एयरपोर्ट का रनवे पटना एयरपोर्ट से लंबा होगा. रक्सौल एयरपोर्ट का रनवे लगभग 288 मीटर ज्यादा लंबा होगा. इस वजह से बड़े-बड़े विमान लैंडिंग और टेक ऑफ कर सकेंगे.
राफेल-तेजस जैसे विमान भरेंगे उड़ान
रक्सौल एयरपोर्ट को लेकर खास बात यह बताई जा रही है कि यहां लड़ाकू विमान भी उड़ान भरेंगे. अगर किसी तरह की जंग की स्थिति होती है तो रक्सौल एयरपोर्ट से राफेल और तेजस जैसे लड़ाकू विमान यहां से उड़ान भर सकेंगे. इस एयरपोर्ट के 2029 तक तैयार हो जाने की संभावना जताई जा रही है. इसके बन जाने से पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण के लोगों को दिल्ली जाने के लिए नेपाल या गोरखपुर जाकर फ्लाइट पकड़ने की जरुरत नहीं पड़ेगी.
कितनी जमीन का होगा अधिग्रहण?
जानकारी के मुताबिक, रक्सौल एयरपोर्ट के लिए 139 एकड़ की जमीन अधिग्रहित की जाएगी, जिसके लिए लगभग 207.70 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं. रक्सौल एयरपोर्ट के रनवे की पूरी लंबाई 2360 मीटर होगी. जबकि पटना एयरपोर्ट के रनवे की लंबाई 2072 मीटर है. रनवे के विस्तार के बाद एयरबस A320 और बोइंग 737 जैसे विमान उड़ान भर सकेंगे. बताया जा रहा है कि रणनीतिक जरुरतों को ध्यान में रखते हुए ही इसे बनाया जा रहा है.
6 मई को ही टेंडर हुआ था जारी
रक्सौल एयरपोर्ट के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से 6 मई को ही टेंडर जारी कर दिया गया था. इसके लिए सीएम सम्राट चौधरी ने पीएम मोदी को धन्यवाद भी कहा था. साथ ही एक्स पर सीएम सम्राट चौधरी ने लिखा था, ‘रक्सौल हवाई अड्डा के नवनिर्माण के लिए टेंडर जारी किया गया. राज्य के सीमावर्ती क्षेत्र को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए रक्सौल हवाई अड्डे के रनवे, एप्रन, टैक्सीवे सहित एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी सेवाओं का टेंडर जारी किया गया है’.
निर्माण एजेंसी को कितना लगेगा समय?
जानकारी के मुताबिक, टेंडर फाइनल हो जाने के बाद निर्माण एजेंसी को लगभग 18 महीने का समय काम पूरा करने में लगेगा. एयरपोर्ट अथॉरिटी को नागरिक सुविधाएं, एटीएस, रनवे संबंधित तमाम काम को खत्म कर सौंपना होगा. एयरपोर्ट अथॉरिटी की माने तो, इसके बाद 2 महीने का और समय लगेगा और लगभग 60 दिनों में एजेंसी को काम पूरा करना होगा. माना जा रहा है कि अगर तय समय पर सारा काम हुआ तो, 2028 तक निर्माण पूरा हो सकता है.
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