Raksha Bandhan At Gyan Bindu GS Academy : पटना ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद ने रक्षाबंधन के अवसर पर बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि वह अपनी पैतृक संपत्ति का 50 प्रतिशत हिस्सा बिहार की शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्राओं के हित में दान करेंगे. उन्होंने कहा कि यह फैसला अपने समाजसेवी भाई प्रिंस यादव की इच्छा और उनकी स्मृति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.
84 प्रकार के व्यंजनों के साथ पहली बार मनाया गया रक्षाबंधन
संस्थान में पहली बार रक्षाबंधन का त्योहार धूमधाम से मनाया गया. इस अवसर पर बिहार के विभिन्न जिलों से पहुंची छात्राओं के लिए विशेष आयोजन किया गया. छात्राओं के लिए 84 प्रकार के व्यंजनों के स्टॉल लगाए गए थे. इनमें काजू, किशमिश, केला, सेव, पिस्ता, पुलाव, दाल, रायता, ड्राइ फ्रूट्स, गोलगप्पा समेत कई तरह के व्यंजन शामिल थे.
छात्राओं ने खाने और पढ़ाई की जमकर की तारीफ
आयोजन में शामिल छात्राओं ने भोजन की जमकर तारीफ की. छात्राओं ने कहा कि खाना बहुत स्वादिष्ट था और उन्हें काफी अच्छा लगा. पढ़ाई को लेकर भी छात्राओं ने संस्थान और शिक्षकों की तारीफ करते हुए कहा कि यहां बहुत बेहतर तरीके से पढ़ाया जाता है. बिहार के कोने-कोने से आई छात्राओं ने आयोजन को लेकर खुशी जताई.
रौशन सर ने कहा- हर साल मनाया जाएगा रक्षाबंधन
रौशन आनंद ने कहा कि संस्थान में पहली बार रक्षाबंधन का आयोजन किया गया है और इसे लेकर वह काफी उत्साहित हैं. उन्होंने कहा कि संस्थान की ओर से छात्राओं को पढ़ाई में किसी तरह की परेशानी नहीं हो, इसके लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं. रक्षाबंधन के उपहार के रूप में छात्राओं के लिए लाइब्रेरी की सुविधा नि:शुल्क करने के साथ किताबें भी उपलब्ध कराई जा रही हैं.
उन्होंने कहा कि उनके भाई की भी इच्छा थी कि संस्थान में रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाए. भाई की मौत के बाद उनकी इस इच्छा को पूरा करने का प्रयास किया गया है. अब हर साल संस्थान में रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाएगा.
भाई की स्मृति में शिक्षा के लिए दान करेंगे संपत्ति
रौशन आनंद ने कहा कि उनके भाई प्रिंस यादव समाजसेवी थे और समाजसेवा के क्षेत्र में लगातार काम करते थे. उनकी सोच को आगे बढ़ाने के लिए वह अपनी पैतृक संपत्ति का 50 प्रतिशत हिस्सा बिहार की शिक्षा व्यवस्था और बिहार की बहनों यानी छात्राओं के लिए दान करेंगे. उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना और छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराना है.
