पूर्णिया में युवाओं ने निकाला आक्रोश मार्च

सैकड़ों छात्र और युवा सड़कों पर उतरे

यूजीसी रेगुलेशन 2026 लागू करने की मांग

पूर्णिया. केंद्र सरकार की ओर से उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के लिए लाये गये यूजीसी रेगुलेशन 2026 को लागू करने की मांग की जा रही है. इसको लेकर सोमवार को यूजीसी रेगुलेशन संघर्ष मोर्चा के बैनर तले सैकड़ों छात्र और युवा सड़कों पर उतरे और आक्रोश मार्च निकाल कर अपने गुस्से का इजहार किया. यह आक्रोश मार्च स्थानीय इंदिरा गांधी स्टेडियम से निकला. हाथों में बैनर- पोस्टर व नारा लिखी तख्तियां लिये तमाम युवा शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए आरएन साव चौक पहुंचे. यहां जमकर नारेबाजी की. इस दौरान प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां और बैनर लिए हुए थे, जिन पर ‘यूजीसी रेगुलेशन 2026 लागू करो’ और भेदभाव बंद करो’ जैसे नारे लिखे थे.

मोर्चा के संयोजक अजय भारती ने कहा कि यह कानून एससी-एसटी और ओबीसी छात्रों के साथ होने वाले संस्थागत भेदभाव को रोकने के लिए जरूरी है. इस दौरान संयोजक ने कहा कि हमारी लड़ाई किसी भी सवर्ण भाइयों से नहीं है, पर विश्वविद्यालय में हमारे बहुजन समाज के बच्चों की अच्छी शिक्षा और सुनहरे भविष्य के लिए यूजीसी रेगुलेशन 2026 का लागू होना अत्यंत आवश्यक है. हमलोग चाहते हैं कि इस बिल के पक्ष में केंद्र सरकार माननीय उच्चतम न्यायालय में अपना दलील रखे. उन्होंने कहा कि इस बिल को लागू कराने में जितना भी बड़ा संघर्ष करना पड़ेगा, हम तमाम बहुजन समाज के लोग मिलकर करेंगे. सह संयोजक कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव करण यादव ने कहा कि इस बिल पर केंद्र सरकार की मंशा ठीक नहीं है. समय रहते सरकार ने अपना पक्ष नहीं रखा, तो हमलोगों का आंदोलन आगे और भी ज्यादा उग्र होगा. युवाओं ने कहा कि आक्रोश मार्च तो एक रिहर्सल है.

निर्णय नहीं बदला तो होगी बड़ी क्रांति

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक यूजीसी रेगुलेशन 2026 को पूर्णतः लागू नहीं किया जाता है. हमारा संघर्ष जारी रहेगा. यह हमारी शैक्षणिक गरिमा और समानता की लड़ाई है. मोर्चा के संरक्षक पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष जवाहर यादव, बहुजन क्रांति मोर्चा के प्रमंडलीय अध्यक्ष आलोक कुमार, राजद के पूर्व जिला अध्यक्ष मिथिलेश कुमार दास, जदयू नेता मनोज ठाकुर, जदयू के पूर्व जिला अध्यक्ष राकेश कुमार, राजद नेता जितेंद्र उरांव, किसान नेता धीरेंद्र यादव, माले नेता इस्लामुद्दीन, माले के मुख्तार जी, एसडीपीआई के साहेबुल इस्लाम, राजद नेता उपेंद्र शर्मा, भाजपा नेता गुप्तेश कुमार सभी ने एक स्वर में कहा कि केंद्र सरकार ने इस बिल के पक्ष में उच्चतम न्यायालय में अपना दलील नहीं रखा और माननीय उच्चतम न्यायालय ने अपना निर्णय नहीं बदला, तो देश में बड़ी क्रांति होगी.

आक्रोश मार्च में इनकी रही भागीदारी

आक्रोश मार्च में आदिवासी विकास परिषद के जिला अध्यक्ष विजय उरांव, राजद नेता शंकर ब्रह्मचारी, बम भोला साहनी, कुंदन यादव, मजदूर नेता दिनेश दास, पूर्व वार्ड पार्षद पोलो पासवान, वार्ड पार्षद लखेंद्र शाह, अनिल कुमार राम, सोनू यादव, छात्र नेता सौरभ कुमार, माले नेत्री रेनू यादव, नजरा खातून, आजाद समाज पार्टी के प्रदेश सचिव विक्रम पासवान, रंजीत कुमार राम, चंदन कुमार राय, पुनीत कुमार पासवान, करण राज यादव, रविंद्र कुमार पासवान, संदीप कुमार राय, विशाल पासवान, राहुल पासवान, मिट्ठू कुमार, चेतन कुमार, नंदकिशोर ठाकुर, प्रदीप कुमार पासवान, राजकुमार पासवान, अमित रंजन, प्रमोद पासवान, चंद्रशेखर कुमार आजाद, चंदन यादव, प्रदीप कुमार यादव, अभिषेक कुमार, बाल किशोर पासवान आदि बड़ी संख्या में लोग शामिल थे.

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