पूर्णिया जिले के जलालगढ़ थाना क्षेत्र के गेहूंवा गांव में अंधविश्वास एक महिला की जान पर भारी पड़ गया. सांप के डसने के बाद परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराने में लगे रहे. इलाज में हुई देरी के कारण महिला की हालत बिगड़ती गई और जीएमसीएच पूर्णिया पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
जलावन लेने गई थी महिला, सांप ने डसा
मृतका की पहचान गेहूंवा निवासी सफीना खातून के रूप में हुई है. परिजनों के अनुसार वह घर के पीछे रखे जलावन को लेने गई थी. इसी दौरान लकड़ियों के ढेर में छिपे एक जहरीले सांप ने उसे डस लिया. महिला के शोर मचाने पर परिवार के लोग मौके पर पहुंचे.
झाड़-फूंक में गंवाया कीमती समय
घटना के बाद परिजन महिला को अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक के माध्यम से जहर उतारने का प्रयास करते रहे. काफी देर तक इसी प्रक्रिया में समय बीत गया. इस दौरान महिला की तबीयत लगातार बिगड़ती गई और वह अचेत होने लगी. इसके बाद परिजन उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए जीएमसीएच पूर्णिया रेफर कर दिया गया.
अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने किया मृत घोषित
राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जीएमसीएच) पूर्णिया पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया. डॉक्टरों का कहना है कि यदि सांप काटने के तुरंत बाद महिला को अस्पताल लाया जाता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी.
अंधविश्वास से बचने की अपील
चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि सांप काटने की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपायों में समय बर्बाद न करें. ऐसे मामलों में तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचकर एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) के माध्यम से इलाज कराना ही जीवन बचाने का सबसे प्रभावी तरीका है.
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