पूर्णिया में मौसम के दिखेंगे डबल रंग: छाए रहेंगे बादल, आंधी-बारिश का 'येलो अलर्ट'

पूर्णिया में मौसम का मिजाज बदलने वाला है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने आंधी-तूफान और बिजली गिरने के साथ बारिश का 'येलो अलर्ट' जारी किया है. पिछले चार दिनों से झुलसा देने वाली धूप से बेहाल लोगों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.

पूर्णिया जिले में शुक्रवार सुबह मौसम का मिजाज काफी बदला-बदला और खिला-खिला नजर आया. सुबह से ही सुकून देने वाली पुरवैया हवा चल रही है, जिससे लोगों को आंशिक राहत मिली है. आसमान में कहीं धूप खिली है, तो कहीं छिटपुट बादलों का डेरा है. हालांकि, इन बादलों के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जिले के लिए आंधी-तूफान और वज्रपात (बिजली गिरने) के साथ बारिश की बड़ी चेतावनी जारी की है.

सुबह ठंडी हवा, दोपहर में उमस बढ़ाएगी परेशानी

मौसम वैज्ञानिकों और स्थानीय पूर्वानुमान इंडेक्स के अनुसार, आज पूर्णिया के आसमान में मौसम के दो विपरीत रंग देखने को मिल सकते हैं. सुबह के सुहाने सफर के बाद, दोपहर होते-होते सूरज के तेवर तल्ख होने और हवा रुकने से उमस भरी सताने वाली गर्मी का अंदेशा बना हुआ है. हालांकि, उत्तर-पूर्वी हवाओं के प्रभाव से दोपहर बाद या शाम तक मौसम में अचानक बदलाव आने और तेज आंधी के साथ बारिश होने की प्रबल संभावना है.

गरज-चमक के साथ बारिश का 'येलो अलर्ट' जारी

मौसम विभाग (IMD) ने पूर्णिया और आसपास के क्षेत्रों में मौसमी गतिविधियों को देखते हुए 'येलो अलर्ट' (Yellow Alert) जारी किया है. इसके तहत:

  • वज्रपात की आशंका: बारिश के दौरान तेज आंधी-तूफान के साथ भारी गरज-चमक और आसमानी बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें.
  • बौछारें पड़ने की उम्मीद: आसमान में बनने वाले मानसूनी बादलों के कारण जिले के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी.

चार दिनों से मिल रहा सिर्फ धोखा, आसमान से बरस रही आग

गौरतलब है कि पूर्णिया में पिछले चार दिनों से मौसम विभाग द्वारा लगातार भारी बारिश का अलर्ट जारी किया जा रहा है. लेकिन धरातल पर स्थिति इसके बिल्कुल उलट है. बारिश होने की बजाय आसमान से झुलसाने वाली धूप और आग बरस रही है. पीक मानसूनी सीजन होने के बावजूद भीषण गर्मी से हर तबका, खासकर राहगीर और कामकाजी लोग बेहाल और परेशान हैं.

पूर्णिया में मानसून सुस्त, खरीफ फसलों पर संकट

मौसम के जानकारों का कहना है कि पूर्णिया के पड़ोसी जिलों में तो इंद्रदेव मेहरबान हैं और वहां अच्छी बारिश हो रही है, लेकिन पूर्णिया जिले की भौगोलिक सीमा में प्रवेश करते ही मानसून सुस्त (कमजोर) पड़ गया है.

बारिश की इस आंख-मिचौली के कारण खरीफ सीजन की मुख्य फसल, धान की खेती-किसानी पर बेहद प्रतिकूल असर पड़ रहा है. पानी के अभाव में खेतों में दरारें पड़ने लगी हैं और किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए अब महंगे डीजल पंपों का सहारा लेने को मजबूर हैं. हालांकि, शुक्रवार को जारी इस नए अलर्ट से किसानों में एक बार फिर अच्छी बारिश की उम्मीद जगी है.


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लेखक के बारे में

अखिलेश चंद्रा प्रिंट माध्यम में 30 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अनुसंधान, राजनीति, कला-संस्कृति की खबरों में रुचि रखते हैं.

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