पूर्णिया से अखिलेश चन्द्रा की रिपोर्ट
Weather: पूर्णिया जिले में मौसम लगातार अपने रंग बदल रहा है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है. आसमान में बादलों की आवाजाही के बावजूद सूरज के तेवर बेहद तल्ख बने हुए हैं. मौसम विभाग ने गुरुवार को लेकर जिलेवासियों को विशेष सतर्कता बरतने की चेतावनी दी है. अनुमान है कि आज अधिकतम तापमान 39 डिग्री के पार जा सकता है, जिससे चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के थपेड़े लोगों को बुरी तरह लहुलुहान और परेशान करेंगे. उमस और शुष्क मौसम के इस घालमेल के बीच दिन के समय घरों से बाहर निकलना किसी चुनौती से कम नहीं होगा.
शुष्क रहेगा मौसम, बारिश और आंधी के आसार नहीं; उमस बढ़ाएगी मुसीबत
पूर्णिया के मौसम इंडेक्स (Weather Index) और आगामी 24 घंटों के पूर्वानुमान की मुख्य कड़ियां निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से समझी जा सकती हैं:
- तापमान का टॉर्चर: मौसम पूर्वानुमान इंडेक्स के मुताबिक, दोपहर के समय धूप की तपिश अपने चरम पर होगी. आसमान में हल्के बादल जरूर छाए रहेंगे, लेकिन वे राहत देने के बजाय वातावरण में उमस (Humidity) को और बढ़ाएंगे, जिससे पसीने से लोग तर-बतर रहेंगे.
- फिलहाल शुष्क रहेगा मौसम: इंडेक्स के अनुसार आज और कल (शुक्रवार) तक मौसम पूरी तरह शुष्क और गर्म बना रहेगा. इस दौरान मैदानी भागों में तेज आंधी या धूल भरी आंधी चलने की कोई संभावना नहीं जताई गई है, जिससे हवा में गर्माहट बरकरार रहेगी.
शनिवार को झमाझम बारिश की उम्मीद, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट
राहत की खबर: इस भीषण तपन के बीच राहत की बात यह है कि मौसम विभाग ने शनिवार को लेकर एक महत्वपूर्ण बुलेटिन जारी किया है. शनिवार को जिले के अधिकांश हिस्सों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश होने की प्रबल संभावना है, जिसके लिए विभाग ने ‘येलो अलर्ट’ (Yellow Alert) जारी कर दिया है. शनिवार को होने वाली इस प्री-मानसून वर्षा से तापमान में भारी गिरावट आएगी और लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी निजात मिलेगी.
आज कुछ जगहों पर मेघ गर्जन और वज्रपात की भी आशंका
सुरक्षा परामर्श और निष्कर्ष:
भले ही आज भारी बारिश के आसार नहीं हैं, लेकिन उत्तर-पूर्वी बिहार के चक्रवातीय सिस्टम के प्रभाव के कारण पूर्णिया जिले में एक या दो स्थानीय स्थानों पर अचानक बिजली कड़कने (मेघ गर्जन) और वज्रपात (Lightning) होने की भी आशंका जताई गई है.
मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों और राहगीरों से अपील की है कि यदि दोपहर या शाम के समय अचानक आसमान में काले बादल घिरें या मेघ गर्जन शुरू हो, तो वे तुरंत खुले खेतों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण लेने से बचें और सुरक्षित पक्के मकानों में चले जाएं. डॉक्टरों ने भी इस 39 डिग्री वाले टॉर्चर से बचने के लिए लोगों को भरपूर पानी पीने, ओआरएस (ORS) का घोल इस्तेमाल करने और बहुत जरूरी होने पर ही दोपहर में बाहर निकलने की सलाह दी है.
