मौसम विभाग का हाई अलर्ट: 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी आंधी
पटना मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा अभी-अभी जारी किए गए ताजा बुलेटिन के अनुसार, पूर्णिया और इसके सीमावर्ती इलाकों में वायुमंडलीय दबाव में आए अचानक बदलाव के कारण मौसम तेजी से करवट ले रहा है. आसमान में घने काले बादलों का डेरा डालना शुरू हो चुका है. मौसम वैज्ञानिकों ने आगाह किया है कि बारिश के दौरान पूरे जिले में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी तेज हवाएं (अंधड़) चल सकती हैं. इस दौरान मेघ गर्जन के साथ बड़े पैमाने पर वज्रपात होने की भी चेतावनी दी गई है.
पूर्णिया के इन सभी प्रखंडों में अलर्ट जारी, प्रशासन मुस्तैद
मौसम विभाग ने पूर्णिया जिले के लगभग सभी हिस्सों को इस तात्कालिक अलर्ट के दायरे में रखा है. विशेष रूप से जिन प्रखंडों के वासियों को अगले तीन घंटे अत्यधिक सतर्क रहने को कहा गया है, उनके नाम निम्नलिखित हैं:
- अमौर, कसबा, केनगर, जलालगढ़ और डगरुआ.
- धमदाहा, पूर्णिया पूर्व, बड़हरा और बनमनखी.
- बैसा, बायसी, भवानीपुर, रूपौली और श्रीनगर प्रखंड.
इन सभी क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम को भी अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.
विभागीय गाइडलाइंस: भूलकर भी न लें पेड़ और बिजली के खंभों का सहारा
आसमान से बरसने वाली इस संभावित आफत को देखते हुए मौसम विभाग और जिला प्रशासन ने आम नागरिकों, राहगीरों और विशेषकर किसानों के लिए कड़े सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं:
- सुरक्षित स्थानों पर लें शरण: खराब मौसम, आंधी और कड़कड़ाहट के दौरान खुले मैदान, जलजमाव वाले क्षेत्रों, बड़े पेड़ों और बिजली के खंभों व ट्रांसफार्मर से बिल्कुल दूर रहें.
- पुराने ढांचों से दूरी: तेज हवाओं के कारण जर्जर या कमजोर मकान, टिन शेड और पुराने होर्डिंग्स/ढांचे गिर सकते हैं, इसलिए इनके आसपास वाहन पार्क न करें और न ही शरण लें.
- किसानों को विशेष सलाह: खेतों में काम कर रहे किसान भाई और मवेशी चराने वाले लोग तुरंत पक्के मकानों की ओट में चले जाएं. मौसम सामान्य होने तक कृषि कार्य पूरी तरह रोक दें.
पूर्णिया से अखिलेश चन्द्रा की रिपोर्ट:
