PURNIA : आइये, शीशे की नक्काशी के लिए प्रसिद्ध श्री जैन श्वेतांबर पार्श्वनाथ मंदिर में कीजिये दर्शन
आपके अपने शहर में एक ऐसा मंदिर भी है जो खास शीशे की नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है. अगर अब तक नहीं गये हैं तो आइये, एक बार जरुर दर्शन कीजिये.
पूर्णिया से अखिलेश चन्द्रा की रिपोर्ट :
आपके अपने शहर में एक ऐसा मंदिर भी है जो खास शीशे की नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है. अगर अब तक नहीं गये हैं तो आइये, एक बार जरुर दर्शन कीजिए. पूर्णिया जिला मुख्यालय से करीब सात किलोमीटर दूर पूर्णिया सिटी में अवस्थित श्री जैन श्वेतांबर पार्श्वनाथ मंदिर अति प्राचीन दर्शनीय स्थल है. यह मंदिर लगभग 700 साल पुराना माना जाता है और इसमें जैन तीर्थंकर पार्श्वनाथ के साथ ही भैरवनाथ की स्वयंभू प्रतिमा भी है. यह न केवल सीमांचल बल्कि उत्तर बिहार का जैन धर्म का एक प्रमुख केंद्र है जहां आस्था का मेला सजता है. यह अन्य मंदिरों से हटकर बना है. यह मंदिर इतना खास है कि काफी लोग इसे देखने आते हैं. इससे यहां लोगों की भीड़ भी लगी रहती है. मंदिर के अंदर और बाहर की दीवारों पर राजस्थान की शैली में शीशे के बारीक टुकड़ों से अद्भुत नक्काशी की गई है, जो देखने वालों को मंत्रमुग्ध कर देती है. यहां भगवान पार्श्वनाथ के साथ ही भगवान भैरवनाथ की प्रतिमा भी विराजमान है. फरवरी माह में यहां का वार्षिकोत्सव बहुत धूमधाम से मनाया जाता है, जिसमें माता पद्मावती का पूजन, घंटाकर्ण महावीर का हवन और भैरवजी का छप्पन भोग का अनुष्ठान किया जाता है. यहां कोलकाता, नेपाल और बंगाल से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं.