पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. विवेकानंद ने नवनिर्मित डिग्री महाविद्यालय, जलालगढ़ के परिसर का दौरा किया. वहां पहुंचने पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. पटवारी यादव ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. इस विशेष अवसर पर कुलपति ने कॉलेज परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और संस्थान के विकास में अपना बहुमूल्य योगदान दिया. इसके साथ ही उन्होंने नए सत्र में पठन-पाठन को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रशासनिक व शैक्षणिक टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए.
मुख्यमंत्री के वर्चुअल उद्घाटन के बाद एक्शन में विवि प्रशासन
गौरतलब है कि जलालगढ़ डिग्री महाविद्यालय का विधिवत उद्घाटन बीते कल ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वर्चुअल माध्यम से किया है. उद्घाटन के तुरंत बाद विश्वविद्यालय प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है ताकि छात्रों की पढ़ाई में कोई देरी न हो. कुलपति ने कॉलेज के पहले शैक्षणिक सत्र (स्नातक प्रथम सेमेस्टर) में नामांकित छात्रों के लिए तत्काल बुनियादी व्यवस्थाएं मुकम्मल करने को कहा है, जिससे सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए जिला मुख्यालय की दौड़ न लगानी पड़े.
गेस्ट लेक्चरर की होगी नियुक्ति, प्रबंधन को मिले कड़े निर्देश
दौरे के दौरान कुलपति प्रो. डॉ. विवेकानंद ने कॉलेज की व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने के लिए कई अहम घोषणाएं और निर्देश दिए:
- शिक्षकों की कमी होगी दूर: कॉलेज में शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निकट भविष्य में योग्य गेस्ट लेक्चरर (अतिथि प्राध्यापकों) की नियुक्ति करने की बात कही गई है, ताकि किसी भी विषय की पढ़ाई बाधित न हो.
- प्रबंधन से सीधा संवाद: कुलपति ने परीक्षा नियंत्रक डॉ. अमरकांत सिंह की मौजूदगी में कॉलेज के प्राचार्य, प्राध्यापकों और गैर-शैक्षणिक कर्मियों के साथ एक समीक्षा बैठक की. उन्होंने साफ़ तौर पर कहा कि कॉलेज संचालन और छात्र प्रबंधन में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
प्रखंड में पहली बार खुला डिग्री कॉलेज, क्षेत्रवासियों में भारी उत्साह
जलालगढ़ प्रखंड में डिग्री कॉलेज की स्थापना और उसमें नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों और छात्र-छात्राओं में भारी खुशी की लहर है.
हमारे प्रखंड के बच्चों, खासकर बेटियों को स्नातक की पढ़ाई के लिए काफी दूर जाना पड़ता था जिससे कई बच्चियों की पढ़ाई बीच में ही छूट जाती थी. अब गांव में ही डिग्री कॉलेज शुरू होने से पूरे इलाके में एक बेहतरीन और सुदृढ़ उच्च शैक्षणिक माहौल तैयार होगा. कुलपति महोदय का यह दौरा और तत्परता सराहनीय है.
इस ऐतिहासिक मौके पर मुख्य रूप से पूर्णिया विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक अमरकांत सिंह, कॉलेज के प्राचार्य प्रो. डॉ. पटवारी यादव सहित महाविद्यालय के सभी सहायक प्राध्यापक, शिक्षकेतर कर्मचारी और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.
