Mini Gun Factory: धमदाहा (पूर्णिया) से आशीष सिंह की रिपोर्ट. पूर्णिया जिले के धमदाहा थाना क्षेत्र के इटहरी पंचायत अंतर्गत हरिपुर गांव (वार्ड नंबर-01) में चल रहे एक हाईटेक और बेहद शातिराना अवैध हथियार नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है. यहां पिछले दो महीनों से जमीन के 20 फीट नीचे एक अत्याधुनिक ‘भूमिगत मिनी गन फैक्ट्री’ संचालित की जा रही थी. इस अवैध धंधे को समाज और पुलिस की नजरों से छिपाने के लिए जमीन के ऊपर थर्मोकोल का पत्तल (प्लेट) बनाने का कारखाना चलाया जा रहा था. कोलकाता और पटना की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर इस मिनी गन फैक्ट्री का उद्भेदन करते हुए देर शाम अपना गुप्त ऑपरेशन पूरा किया.
जमीन के 20 फीट अंदर लगी थी भारी लेथ मशीन
मामले की पुष्टि करते हुए धमदाहा के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) संदीप गोल्डी ने बताया कि हथियार तस्करों ने जमीन के 20 फीट अंदर एक तहखाना बनाकर उसमें भारी-भरकम लेथ मशीन को स्थापित कर रखा था. मशीन की आवाज बाहर न जाए और लोगों को इसकी भनक तक न लगे, इसके लिए ऊपर थर्मोकोल पत्तल बनाने की यूनिट चालू कर दी गई थी. ग्रामीणों को सिर्फ यही पता था कि यहां पत्तल बनाने का वैधानिक काम हो रहा है, जबकि नीचे मौत का सामान तैयार किया जा रहा था.
मुंगेर के कारीगरों सहित 4 आरोपी गिरफ्तार
एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके की घेराबंदी कर चार शातिर अपराधियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों की सूची इस प्रकार है:
- मो. आफताब आलम – निवासी जरबेहरा, बासुदेवपुर (मुंगेर) – मुख्य कारीगर
- मो. अनवर – निवासी गुलजार पोखर, कोतवाली (मुंगेर) – मुख्य कारीगर
- मिट्ठू कुमार – निवासी हरिपुर, धमदाहा (पूर्णिया) – स्थानीय लाइनर व संरक्षक
- गब्बर मंडल – निवासी हरिपुर, धमदाहा (पूर्णिया) – स्थानीय लाइनर व संरक्षक
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार मिट्ठू कुमार पहले दूसरे राज्य में रहकर मजदूरी करता था, जो पिछले महीने ही गांव लौटा था और इस नेटवर्क से जुड़ गया था.
हथियार बनाने के उपकरण और अर्धनिर्मित पिस्टल जब्त
धमदाहा एसडीपीओ संदीप गोल्डी एवं थानाध्यक्ष रविशंकर कुमार की मौजूदगी में हुई इस सघन छापेमारी के दौरान बेसमेंट से भारी मात्रा में सामग्री जब्त की गई है:
- 10 पीस अर्धनिर्मित (सेमी-फिनिश्ड) अत्याधुनिक पिस्टल,
- 14 पीस बेस बनाने वाली लोहे की विशेष प्लेट,
- 01 पीस भारी लेथ मशीन (हथियार को आकार देने वाली),
- 01 पीस मेटल कटर मशीन सहित कई अन्य उपकरण व औजार.
मुंगेर का ‘सूरज’ है मास्टरमाइंड, स्थानीय अपराधियों को थी छिपाने की जिम्मेदारी
पुलिसिया तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि हरिपुर गांव में केवल पिस्टल के पार्ट्स को असेंबल और फिनिशिंग टच दिया जा रहा था. इस पूरे रैकेट का मुख्य मास्टरमाइंड मुंगेर का रहने वाला सूरज कुमार है, जो पश्चिम बंगाल और बिहार के विभिन्न जिलों में हथियारों की डीलिंग करता है. उसी के इशारे पर यहां फैक्ट्री सेटअप की गई थी. तैयार होने के बाद पिस्टल को सप्लाई के लिए सूरज के पास भेजा जाता था. वहीं, स्थानीय आरोपी मिट्ठू और गब्बर को गांव के लोगों और पुलिस की नजरों से इस कारखाने को बचाए रखने और रसद पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी.
“हमें गुप्त सूचना मिली थी कि इटहरी पंचायत के एक घर में संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं. एसटीएफ के सहयोग से स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की. मौके से भारी मात्रा में उपकरणों के साथ चार लोग दबोचे गए हैं. पुलिस इस नेटवर्क के हर वित्तीय और बैकवर्ड लिंकेज (कड़ियों) पर ध्यान बनाए हुए है. मुख्य सरगना सूरज की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है, बहुत जल्द पूरे प्रकरण का बड़ा खुलासा किया जाएगा.” – संदीप गोल्डी, एसडीपीओ, धमदाहा.
