सहयोग शिविर को लेकर हांसी बेगमपुर में सुबह से जुटने लगे अफसर

पूर्णिया के जलालगढ़ प्रखंड अंतर्गत हांसी बेगमपुर पंचायत सरकार भवन में पहले सहयोग शिविर को लेकर अधिकारियों का जमावड़ा शुरू हो गया है. बीडीओ और सीओ की देखरेख में आयोजित इस शिविर में जनता की समस्याओं के समाधान के लिए 22 विभागों के स्टॉल लगाए गए हैं.

पूर्णिया के जलालगढ़ से निकेश राय की रिपोर्ट: बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी निर्देशानुसार आयोजित होने वाले ‘सहयोग शिविर’ को लेकर पूर्णिया जिले के जलालगढ़ प्रखंड में प्रशासनिक सरगर्मी चरम पर है. प्रखंड अंतर्गत हांसी बेगमपुर पंचायत के नवनिर्मित पंचायत सरकार भवन में आयोजित इस पहले सहयोग शिविर को लेकर आज अहले सुबह से ही विभिन्न विभागों के आला अधिकारियों और कर्मचारियों का पहुंचना शुरू हो गया. ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार की योजनाओं को सीधे जनता तक पहुंचाने की इस अनूठी पहल से स्थानीय लोगों में काफी उम्मीदें और भारी उत्साह देखा जा रहा है.

22 विभागों के स्टॉल पर ऑन-स्पॉट होगा समस्याओं का निपटारा

मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए जलालगढ़ की प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) ममता कुमारी ने बताया कि क्षेत्र में इस तरह का यह पहला व्यापक सहयोग शिविर लगाया जा रहा है. आम जनता की सुविधा और उनकी समस्याओं के त्वरित निष्पादन के लिए परिसर में कुल 22 महत्वपूर्ण विभागों के अलग-अलग स्टॉल लगाए गए हैं. इसके अलावा एक अतिरिक्त विशेष (अन्यान) स्टॉल भी स्थापित किया गया है, ताकि किसी भी श्रेणी के आवेदक को भटकना न पड़े. इस शिविर के माध्यम से मुख्य रूप से:

  • राशन कार्ड, वृद्धावस्था व सामाजिक सुरक्षा पेंशन,
  • राजस्व व भूमि सुधार (दाखिल-खारिज, एलपीसी),
  • मनरेगा जॉब कार्ड, कृषि इनपुट सब्सिडी,
  • और जन-शिकायतों का ऑन-स्पॉट (मौके पर) पंजीकरण व निवारण किया जा रहा है.

अधिकारियों की टीम लगातार कर रही है मॉनिटरिंग

सहयोग शिविर को पूरी तरह पारदर्शी, सुव्यवस्थित और सफल बनाने के लिए प्रखंड स्तर के सभी वरीय पदाधिकारी खुद कमान संभाले हुए हैं. सुबह से ही बीडीओ ममता कुमारी, अंचलाधिकारी (सीओ) मो. सबिहुल हसन और मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारी (पीओ) आलोक रंजन सहित विभिन्न तकनीकी व प्रशासनिक विभागों के अधिकारी आयोजन स्थल पर डटे रहे. अधिकारियों की यह कोर टीम लगातार अपने-अपने विभागों के काउंटरों का भौतिक निरीक्षण करने के साथ-साथ अन्य स्टॉलों की व्यवस्था और आवेदनों के रिव्यू (समीक्षा) में जुटी नजर आई, ताकि शिविर में आने वाले किसी भी ग्रामीण को अनावश्यक कतारों या अव्यवस्था का सामना न करना पड़े.

स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि एक ही छत के नीचे प्रखंड और अंचल स्तर के सभी प्रमुख विभागों के उपलब्ध होने से ग्रामीणों के समय और पैसे दोनों की बचत होगी.

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Published by: Divyanshu Prashant

Divyanshu Prashant is a contributor at Prabhat Khabar.

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