पूर्णिया के कसबा से अक्षय कुमार की रिपोर्ट
Accident: पूर्णिया जिले के कसबा थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच-27 के कॉलेज चौक ओवरब्रिज पर शुक्रवार की सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब परिवहन विभाग की जांच टीम को देखकर भागने की होड़ में तीन वाहन आपस में टकरा गए. इस त्रिकोणीय भिड़ंत में मक्के से लदा एक ट्रैक्टर पूरी तरह अनियंत्रित होकर पलट गया. हालांकि, गनीमत यह रही कि इस बड़े हादसे में ट्रैक्टर चालक, परिवहन विभाग के ईएसआई (ESI) और उनके निजी चालक बाल-बाल बच गए. इस घटना के बाद हाईवे पर मौजूद किसानों और वाहन चालकों का गुस्सा फूट पड़ा. उन्होंने परिवहन विभाग पर अवैध वसूली का गंभीर आरोप लगाते हुए जांच अधिकारी को पेट्रोल पंप पर घेरकर भारी हंगामा किया, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा.
जांच टीम को देखते ही चालक ने बढ़ाई रफ्तार, पीछे से ट्रक ने मारी टक्कर
- हादसे की वजह: प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित पक्ष के अनुसार, शुक्रवार की सुबह कॉलेज चौक ओवरब्रिज पर परिवहन विभाग की टीम वाहनों की चेकिंग कर रही थी. इसी बीच मक्का लादकर जा रहे एक ट्रैक्टर चालक ने जैसे ही विभाग की गाड़ी को देखा, वह चालान के डर से वाहन की रफ्तार बढ़ाकर तेजी से भागने लगा.
- त्रिकोणीय भिड़ंत: ट्रैक्टर अभी कुछ ही दूरी पर गया था कि पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उसे जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रैक्टर सीधे परिवहन विभाग के खड़े वाहन से टकराते हुए बीच सड़क पर ही पलट गया, जिससे उस पर लदा सारा मक्का बिखर गया.
पेट्रोल पंप पर ईएसआई को घेरकर किसानों का हंगामा; ₹1500 तक वसूली का आरोप
अवैध वसूली पर भड़के किसान: हादसे के तुरंत बाद परिवहन विभाग के ईएसआई क्षतिग्रस्त वाहन के साथ ही पास के कसबा फ्यूल पेट्रोल पंप की ओर निकल गए. इस बात से गुस्साए स्थानीय किसानों और चालकों ने पेट्रोल पंप पर मौजूद ईएसआई शिव नंदन कुमार सुमन को चारों तरफ से घेर लिया और नारेबाजी शुरू कर दी. गुस्साए चालकों का आरोप था कि परिवहन विभाग के कर्मी चालान काटने के नाम पर अवैध वसूली का खेल खेल रहे हैं. किसानों ने बताया कि मंडियों तक अपनी मक्के की फसल ले जाने वाले ट्रैक्टर चालकों को रोककर जबरन 500 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक वसूले जाते हैं. इसी अवैध वसूली और प्रताड़ना से बचने की हड़बड़ी में चालक रात के अंधेरे या सुबह के वक्त वाहनों को भगाते हैं, जिससे ऐसे गंभीर हादसे हो रहे हैं.
कसबा पुलिस ने ईएसआई को सुरक्षित निकाला; अधिकारी ने आरोपों को नकारा
हंगामे और लोगों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए मामले की तत्काल सूचना कसबा थाना को दी गई. सूचना मिलते ही कसबा थाना पुलिस दलबल के साथ पेट्रोल पंप पहुंची. पुलिस ने आक्रोशित भीड़ को समझा-बुझाकर शांत कराया और ईएसआई शिव नंदन कुमार सुमन को सुरक्षित अपनी कस्टडी में लेकर थाने ले आई, जिससे मामला और बिगड़ने से बच गया.
इधर, आरोपों पर अपनी सफाई देते हुए ईएसआई शिव नंदन कुमार सुमन ने चालकों और किसानों के सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और निराधार बताया. उन्होंने कहा कि वे रूटीन प्रक्रिया के तहत ओवरब्रिज पर वाहनों की कागजी जांच कर रहे थे. इसी दौरान ट्रक द्वारा टक्कर मारे जाने से ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर उनकी गाड़ी से टकराया था.
वही, दुर्घटना के तुरंत बाद सरकारी वाहन से नंबर प्लेट और पुलिस लिखे स्टिकर को आनन-फानन में हटाने के सवाल पर उन्होंने दलील दी कि चूंकि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसे मरम्मत (रिपेयरिंग) के लिए भेजा जाना था, इसलिए नंबर प्लेट और स्टिकर को हटाया गया था. फिलहाल कसबा थाना पुलिस दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर मामले की छानबीन कर रही है.
