Purnia Tragedy: कसबा (पूर्णिया). कुल्लाखास पंचायत के आलमनगर वार्ड संख्या-7 में रविवार को तीन मासूम भाइयों की पानी में डूबने से हुई मौत के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है. मृत बच्चों की पहचान मोफिजूल, तफीजूल और सैराजुल के रूप में हुई है. घटना के बाद माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है. सोमवार को पूर्व मंत्री मो. आफाक आलम पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया.
पीड़ित परिवार से मिले पूर्व मंत्री
पूर्व मंत्री मो. आफाक आलम ने बच्चों की मौत की घटना को बेहद मार्मिक बताते हुए परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की. उन्होंने कहा कि परिवार ने एक साथ तीन मासूम बच्चों को खोया है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है. उन्होंने सरकार से पीड़ित परिवार को तत्काल उचित सरकारी मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की.
पक्का मकान और शौचालय की मांग
पूर्व मंत्री ने सरकार और प्रशासन से पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए पक्का मकान और शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में परिवार को तत्काल सरकारी सहायता और बुनियादी सुविधाएं मिलनी चाहिए.
गहरे गड्ढे में डूबने से हुई थी मौत
बताया गया कि रविवार सुबह करीब आठ बजे तीनों बच्चे घर के पास खेल रहे थे. खेलते-खेलते वे घर से कुछ दूरी पर स्थित धर्मकांटा के समीप पहुंचे, जहां पानी से भरे गहरे गड्ढे में तीनों डूब गए. घटना की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों ने बच्चों को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी.
अवैध मिट्टी खनन पर कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में खेतों से कथित रूप से अवैध तरीके से मिट्टी निकाली जा रही है. मिट्टी निकालने के बाद कई फीट गहरे गड्ढे को खुला छोड़ दिया गया, जिसमें बारिश का पानी जमा हो गया था. ग्रामीणों का कहना है कि यदि गड्ढे को भर दिया जाता या सुरक्षा के इंतजाम किए जाते तो हादसा टाला जा सकता था.
जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग
Purnia Tragedy: पूर्व मंत्री मो. आफाक आलम ने प्रशासन से इलाके में चल रहे कथित अवैध मिट्टी खनन की जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की. उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह के हादसे रोकने के लिए खुले और गहरे गड्ढों को तत्काल भरने तथा ऐसे स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत है.
