सीमांचल में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति अत्यंत चिंताजनक : सांसद
पप्पू यादव ने उठाया स्वास्थ्य संकट का मुद्दा
By ARUN KUMAR | Updated at :
लोकसभा में सांसद पप्पू यादव ने उठाया स्वास्थ्य संकट का मुद्दा
पूर्णिया. सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने शुक्रवार को लोकसभा में नियम 377 के तहत पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र समेत सीमांचल क्षेत्र में व्याप्त गंभीर स्वास्थ्य संकट की ओर केंद्र सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया. उन्होंने कहा कि पूर्णिया, किशनगंज, अररिया और कटिहार जैसे जिलों में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है, जहां आम जनता को इलाज के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. सांसद पप्पू यादव ने सदन में बताया कि सीमांचल के अधिकांश जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी है.प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों, आइसीयू जैसी जीवनरक्षक सुविधाओं, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और पर्याप्त बेड की अनुपलब्धता के कारण मरीजों को मामूली बीमारियों से लेकर गंभीर आपात स्थितियों तक में पटना या अन्य महानगरों की ओर रेफर किया जाता है. इससे न केवल गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है, बल्कि समय पर इलाज न मिलने से कई बार जान भी चली जाती है. उन्होंने निजी अस्पतालों में व्याप्त मनमानी पर भी चिंता जतायी. सांसद ने कहा कि सीमांचल क्षेत्र से लगातार ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं, जहां गलत उपचार और चिकित्सकीय लापरवाही के कारण मरीज की मृत्यु के बाद भी परिजनों से जबरन शुल्क वसूला जाता है. कई मामलों में शव तक को बंधक बनाए जाने जैसी अमानवीय घटनाएं सामने आयी हैं. सांसद पप्पू यादव ने सरकार से मांग की कि सीमांचल के जिला अस्पतालों को क्षेत्रीय रेफरल केंद्रों के रूप में विकसित करने के लिए विशेष योजना बनायी जाए. साथ ही निजी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य किए जाएं, उच्च स्तरीय जांच व्यवस्था लागू हो और पारदर्शी शुल्क नियंत्रण तथा जवाबदेही तंत्र सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने विशेष रूप से पूर्णिया को केंद्र में रखते हुए मांग की कि यहां केंद्रीय स्तर का सुपर स्पेशलिटी मेडिकल संस्थान स्थापित किया जाए, जिससे सीमांचल के लाखों लोगों को सस्ती, गुणवत्तापूर्ण और मानवीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सके.