पूर्णिया. बाल श्रम उन्मूलन दिवस के अवसर पर श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के तत्वाधान में जिला पदाधिकारी के विशेष निर्देशानुसार गठित धावा दल टीम के द्वारा जिले के सभी प्रखंडों में बाल श्रम उन्मूलन एवं विमुक्ति हेतु धवादल का संचालन किया गया. इसके अलावा जिले में अवस्थित सभी प्रतिष्ठानों के नियोजको से बाल श्रम नहीं कराये जाने से संबंधित शपथ पत्र भरवाये गये और इसके प्रति आम लोगों में जागरूकता लाने के लिए विस्तृत प्रचार-प्रसार किया गया. इसी क्रम में प्रचार-प्रसार के लिए जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर संयुक्त श्रम भवन के प्रांगण से रवाना किया गया. वहीं दूसरी ओर इस विशेष अभियान में जिला के विभिन्न श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों के संयुक्त टीम द्वारा विभिन्न दुकानों, प्रतिष्ठानों, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा तथा गैरेज में सघन छापामारी की गयी. इसी क्रम में रूपौली प्रखंड से कुल-04 बाल श्रमिकों को विमुक्त कराया गया. विमुक्त कराए गए सभी बाल श्रमिकों को बाल कल्याण समिति के सुपुर्द कर दिया गया. वहीं दोषी नियोजकों के विरुद्ध बाल श्रमिक एवं किशोर (प्रतिषेध एवं विनियमन), 1986 के अन्तर्गत एफआईआर दर्ज करते हुए नियोजकों पर प्रति बाल श्रमिक 20 हजार से 50 हजार रूपये तक जुर्माना राशि की वसूली की जाएगी. धावादल टीम की अध्यक्षता रुपौली एवं भवानीपुर के प्रभारी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी संजीव कुमार चौधरी ने की. वहीं टीम के अन्य सदस्यों में बनमनखी के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी पवन कुमार शर्मा, डगरुआ श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी अमरनाथ यादव, के. नगर श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी कुमार गौरव एवं अन्य सहयोगी (एनजीओ) के रूप में प्रयास जैक सोसाईटी के सदस्य अवधेष कुमार, शेखर तिर्की, शाहिद आलम एवं स्थानीय थाना के पुलिस बल शामिल रहे.
धावा दल की टीम ने चार बाल श्रमिकों को कराया विमुक्त
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