– अमौर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय बघवाकोला का मामला -दो महीने पहले की जांच में बीईओ को नहीं मिला कोई भी सामान – शोकॉज के जवाब में एचएम ने बतायी भाई के घर सामान रखने की बात -बीईओ ने कहा- अब जिला के निर्देश पर फिर होगी मामले की जांच अमौर (पूर्णिया). सरकारी विद्यालय में कुछ काम चल रहा था तो वहां की प्रधानाध्यापिका ने अपने भाई के घर स्कूल का सारा फर्नीचर भेज दिया. इस बीच, जांच में पहुंचे बीईओ ने फर्नीचर गायब रहने की रिपोर्ट जिला को कर दी. जबतक में कार्यवाही आगे बढ़ती तबतक में प्रधानाध्यापक ने भाई के घर सामान भेजने का स्पष्टीकरण देकर पदाधिकारियों को संतुष्ट कर दिया. हालांकि जिला के निर्देश पर एक बार फिर विभागीय जांच होगी. यह वाकया अमौर प्रखंड अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय बघवाकोला का है. आरटीआइ से आयी शिकायत के आलोक में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राजेन्द्र कुमार ने बीते 08 जनवरी 2026 को विद्यालय का भौतिक निरीक्षण किया था.निरीक्षण के दौरान बीईओ ने विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका सुनीता कुमारी से पूर्व के उपयोगिता प्रमाण पत्रों की मांग की.दस्तावेजों के अवलोकन और विद्यालय के भौतिक सत्यापन में वित्तीय वर्ष 2024-25 के रिकॉर्ड के अनुसार, विद्यालय के लिए एक अलमीरा और टेबल-कुर्सी की खरीद दिखाई गयी थी. व्यय विवरण के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में अलमीरा पर 15,700 रुपये और कुर्सी-मेज पर 25,100 रुपये खर्च किए गए थे. लेकिन भौतिक निरीक्षण के दौरान संबंधित खरीदी गई सामग्री अलमीरा और टेबल विद्यालय में कहीं भी नहीं पायी गई. .बीईओ ने अपनी जांच रिपोर्ट के माध्यम से सामग्रियों के गायब रहने और अग्रेतर कार्रवाई के लिए जिला को लिख दिया. इस संबंध में बीईओ राजेंद्र राम ने बताया कि मेरे द्वारा विद्यालय की जांच की थी. स्थल पर कोई भी सामान नहीं पाया गया था जिसमें प्रधानाध्यापिका को शोकॉज किया गया था.उसके बाद प्रधाध्यापिका के द्वारा जवाब दिया गया था कि वो सारा समान लिया था,लेकिन विद्यालय में कार्य चलने के कारण अपने भाई के घर में सभी सामान रखे थे. साथ ही बताया कि इसको लेकर पुनः जिला से जांच का आदेश आया है जल्द ही जांच कर रिपोर्ट तैयार कर जिला भेजा जाएगा.
स्कूल में चल रहा था काम तो भाई के घर पर प्रचार्या ने भेज दिया सारा फर्नीचर
अमौर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय बघवाकोला का मामला
