पूर्णिया. जिले के अमौर थाना में पदस्थापित हवलदार आलम नाथ भुइया की बुधवार को गोली लगने से मौत हो गई थी. हवलदार का शव थाना परिसर में बने गार्ड क्वार्टर में खून से लथपथ मिला था.हवलदार के पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम के बाद गुरुवार को पूर्णिया पुलिस लाइन लाया गया जहां गार्ड ऑफ ऑनर देकर दिवगंत हवलदार आलमनाथ भूइयां के पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई दी गई. इस दौरान आइजी विवेकानंद और एसपी स्वीटी सहरावत के अलावा एएसपी आलोक रंजन और लाइन डीएसपी आलोक कुमार,पुलिस मेंस एसोसिएशन पूर्णिया के अध्यक्ष नीतीश कुमार यादव समेत कई वरीय पुलिस अधिकारी मौजूद थे.गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी के बाद आईजी, एसीपी, एएसपी और लाइन डीएसपी समेत सभी वरीय अधिकारियों और पुलिस के जवानों ने पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. श्रद्धांजलि के दौरान ही शहीद हवलदार आलमनाथ भूइयां की पत्नी, भाई, बेटी और कई दूसरे रिश्तेदार उपस्थित थे. श्रद्धांजलि देते हुए पत्नी और बेटी बिलखकर रोने लगी.अपनों के खोने का दर्द देख कर मौके पर मौजूद पुलिस के अधिकारी और जवान भावुक दिखे.इस अवसर पर एसपी स्वीटी सहरावत ने कहा कि अमौर थाना में पदस्थापित हवलदार आलम नाथ भुइया द्वारा अपने सरकारी हथियार से स्वंय को गोली मार कर आत्म हत्या कर लेने की सूचना मिलने के बाद घटनास्थल को सुरक्षित करते हुए एफएसएल की टीम द्वारा साक्ष्य संकलन किया गया है.इसके बाद परिजनों को सूचना देते हुए अमौर थाना की पुलिस द्वारा अग्रतर कार्रवाई की गई है.एसपी ने कहा कि वे कर्तव्यनिष्ठ जवान थे.उन्होंने हमेशा अपने कर्तव्य का पालन पूरी ईमानदारी और लगन से किया.उन्हें खोना पुलिस बल के लिए एक अपूरणीय क्षति है. एसपी ने शहीद जवान के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया. दिवगंत आलम नाथ भूइयां मूल रूप से झारखंड राज्य के चाईबासा जिले के रहने वाले थे. वे अमौर थाना में हवलदार के पद पर पिछले 5 से 6 महीने से कार्यरत थे.उनकी चार बेटियां हैं. इनमें दो की शादी हो चुकी है, जबकि दो बेटियां अविवाहित है.घटना के मामले में परिवार ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया.
हवलदार के पार्थिव शरीर को गार्ड ऑफ ऑनर देकर दी गई श्रद्धांजलि
हवलदार आलम नाथ भुइया की बुधवार को गोली लगने से मौत हो गई थी
