पूर्णिया : पूर्णिया जिले में यातायात नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों पर अब सख्ती बढ़ने वाली है. हेलमेट और सीट बेल्ट की अनिवार्य जांच के साथ ऑटो और ई-रिक्शा यानी टोटो की पहचान के लिए कलर कोडिंग व्यवस्था को भी सख्ती से लागू किया जाएगा. वहीं दालकोला चेकपोस्ट से गुजरने वाले वाहनों की भी विशेष निगरानी होगी.
जिलाधिकारी अंशुल कुमार की अध्यक्षता में हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने को लेकर कई अहम फैसले लिये गये. अधिकारियों को नियम तोड़ने वालों के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया.
हेलमेट नहीं तो कार्रवाई तय
जिलाधिकारी ने दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट और चारपहिया वाहनों में सीट बेल्ट के इस्तेमाल की शत-प्रतिशत जांच कराने का निर्देश दिया. इसके लिए नियमित रूप से सघन वाहन जांच अभियान चलाने को कहा गया है.
बिना हेलमेट बाइक चलाने और बिना सीट बेल्ट चारपहिया वाहन में सफर करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन का जोर सिर्फ जांच तक सीमित न रहकर नियमों के पालन की आदत विकसित कराने पर भी है.
टोटो की कलर कोडिंग होगी अनिवार्य
शहर और जिले में चल रहे ऑटो व ई-रिक्शा (टोटो) के बेहतर नियमन के लिए निर्धारित कलर कोडिंग व्यवस्था को जल्द सख्ती से लागू कराने का निर्देश दिया गया है.
इससे वाहनों की श्रेणी की पहचान आसान होगी और उनके परिचालन पर निगरानी रखने में भी मदद मिलेगी. संबंधित अधिकारियों को बिना देरी के व्यवस्था लागू कराने को कहा गया है.
दालकोला चेकपोस्ट पर हर वाहन पर नजर
दालकोला चेकपोस्ट को लेकर भी बैठक में विशेष निर्देश दिये गये. चेकपोस्ट से गुजरने वाले वाहनों की आवाजाही पर कड़ी नजर रखने और यातायात नियमों के पालन की सघन जांच करने को कहा गया.
अधिकारियों को विशेष जांच अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.
सिर्फ एक दिन का अभियान नहीं, लगातार होगी निगरानी
डीएम अंशुल कुमार ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा के लिए सिर्फ एक-दो दिन अभियान चलाकर कार्रवाई खत्म नहीं होनी चाहिए. संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से नियमित और लगातार प्रवर्तन कार्रवाई करनी होगी.
इसके साथ ही लोगों के बीच सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया. प्रशासन का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और जिले में सुरक्षित व व्यवस्थित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना है.
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